अगर आप भी हर महीने SIP करके अपना फ्यूचर सिक्योर कर रहे हैं और सोचते हैं कि वर्षों की इन्वेस्टिंग के बाद करोड़ों का फंड आपके बैंक अकाउंट में सीधा-सीधा आ जाएगा, तो जरा रुक जाइए! क्योंकि रिटर्न जितना मीठा होता है, उसके टैक्स का स्वाद उतना ही कड़वा हो सकता है। करोड़ों का कॉर्पस देखकर लोग उत्साहित हो जाते हैं, लेकिन जब हाथ में आने वाली असल रकम का हिसाब लगाया जाता है, तब असली तस्वीर सामने आती है। आइए समझते हैं कि नई LTCG टैक्स सिस्टम में आखिर आपको कितना पैसा मिलेगा।
मान लीजिए किसी इन्वेस्टर ने 20 साल तक हर महीने 11,000 रुपये की SIP की। लंबे समय में कंपाउंडिंग का जादू ऐसा चला कि उसका फंड बढ़कर 1 करोड़ तैयार हो गया। लेकिन याद रखें, इसमें आपका इन्वेस्टमेंट और रिटर्न दोनों शामिल हैं। 1 करोड़ के फंड में आपका इन्वेस्टमेंट अमाउंट 26.40 लाख रुपये होगा और 73.60 लाख रुपये आपका कुल प्रॉफिट होगा।
LTCG टैक्स
अब आता है असली खेल- LTCG टैक्स यानी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स। यूनियन बजट 2024 के बाद इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर नया नियम लागू है, यदि आपका प्रॉफिट एक साल से ज्यादा के इन्वेस्टमेंट पर है, तो 1.25 लाख रुपये के ऊपर के गेन पर 12.5% टैक्स लगेगा और इसके ऊपर 4% हेल्थ व एजुकेशन सेस भी जोड़ दिया जाता है।
उदाहरण से समझिए
इस उदाहरण में टैक्सेबल गेन बनता है: 73,60,000 रुपये – 1,25,000 रुपये = 72,35,000 रुपये। अब इस पर 12.5% का टैक्स लगेगा, जो 9,04,375 रुपये होता है। फिर इस टैक्स पर 4% सेस लगेगा, जो 36,175 रुपये होता है। तो इस हिसाब से आपका टोटल टैक्स हुआ 9,40,550। यानी आपको आपके पूरे 1 करोड़े के फंड में से 9,40,550 घटा कर 90,59,450 रुपये मिलेंगे। सीधे शब्दों में कहें तो, आपका करोड़पति बनने का सपना तो पूरा हुआ, लेकिन टैक्स ने आपकी रकम में लगभग 9.4 लाख रुपये की सेंध लगा दी।
नेट इनकम पर जरूर ध्यान दें
इसलिए, अगर आप लॉन्ग-टर्म की SIP कर रहे हैं, तो सिर्फ कॉर्पस नहीं बल्कि टैक्स के बाद मिलने वाली नेट रकम पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है। फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय हमेशा टैक्स को शामिल करके ही अपने भविष्य के टारगेट का हिसाब लगाएं, वरना रिटायरमेंट के समय आपकी प्लानिंग गड़बड़ा सकती है।






































