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Amazon सहित बाकी ऐसी कंपनियां क्यों कर रही हैं छंटनी? क्या सिर्फ AI है एकमात्र वजह? समझें पूरी बात

 Published : Feb 02, 2026 07:51 pm IST,  Updated : Feb 02, 2026 07:51 pm IST

कई विशेषज्ञों का कहना है कि असली प्रभाव आने वाले वर्षों में ज्यादा स्पष्ट होगा, जब AI बड़े पैमाने पर अपनाया जाएगा। फिलहाल, टेक वर्कर्स के लिए 2026 चुनौतीपूर्ण बना हुआ है-AI अवसर भी ला रहा है, लेकिन बदलाव तेज और कठिन हैं।

Amazon Go और Fresh स्टोर्स बंद होने से हजारों रिटेल जॉब्स भी गए।- India TV Hindi
Amazon Go और Fresh स्टोर्स बंद होने से हजारों रिटेल जॉब्स भी गए। Image Source : PIXABAY

नए साल 2026 की शुरुआत में टेक सेक्टर में छंटनियों का सिलसिला जारी है। दुनिया की दिग्गज कंपनी अमेजन ने हाल ही में वैश्विक स्तर पर 16,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की, जो अक्टूबर 2025 में हुई 14,000 छंटनियों के बाद कुल मिलाकर 30,000 से अधिक हो गई है। ओरेकल में भी 20,000 से 30,000 तक नौकरियों के कटौती की संभावना जताई जा रही है। पिंटरेस्ट, एक्सपीडिया, डाउ और अन्य कंपनियों ने भी बड़ी संख्या में छंटनियां की हैं, और कई जगह AI को इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है-क्या AI वाकई इन छंटनियों का मुख्य दोषी है, या यह कंपनियों के लिए शेयरधारकों को आकर्षित करने वाली एक सुविधाजनक कहानी मात्र है?

कंपनियों का दावा और AI का रोल

पिंटरेस्ट ने सबसे स्पष्ट रूप से कहा कि उसने अपनी वर्कफोर्स का 15% तक घटाया है, ताकि संसाधनों को AI-केंद्रित टीमों और प्रोजेक्ट्स में लगाया जा सके। कंपनी AI-पावर्ड प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। एक्सपीडिया ने भी AI अपनाने की बात कही, लेकिन कटौती में कई AI विशेषज्ञ (जैसे मशीन लर्निंग साइंटिस्ट) भी शामिल थे-जो विरोधाभासी लगता है। डाउ ने अपनी 4,500 छंटनियों को स्पष्ट रूप से "AI और ऑटोमेशन" से जोड़ा, ताकि उत्पादकता बढ़े और शेयरधारक रिटर्न सुधरे।

अमेजन के CEO एंडी जैसी ने पहले ही कहा था कि AI से दक्षता बढ़ने से कंपनी को कम लोगों की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, कंपनी ने इसे "ब्यूरोक्रेसी कम करना" और "स्टार्टअप जैसी तेज़ी" से भी जोड़ा है। साथ ही, Amazon Go और Fresh स्टोर्स बंद होने से हजारों रिटेल जॉब्स भी गए।

पूर्व कर्मचारियों और विशेषज्ञों का नजरिया

हिन्दुस्तान टाइम्स की AP के हवाले से खबर के मुताबिक, अमेज़न की "AI एनेबलमेंट" टीम के पूर्व प्रमुख एन ली प्लमब (जिन्हें हाल ही में निकाला गया) ने कहा कि उनकी छंटनी AI से जुड़ी नहीं थी। वे खुद अमेजन के AI कोडिंग टूल के टॉप यूजर थे। प्लमब का मानना है कि छंटनियां पहले से ही अतिरिक्त कर्मचारियों को हटाने का तरीका हैं-AI को सिर्फ एक "मूल्य निर्माण की कहानी" के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे शेयर मूल्य बढ़ता है और निवेश आकर्षित होता है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर करन गिरोत्रा कहते हैं कि AI का असर अभी सीमित है। यह व्यक्तिगत कर्मचारियों को समय बचाता है, लेकिन पूरे संगठन को समायोजित करने में समय लगता है। 

अमेज़न में तो कोविड के दौरान अत्यधिक भर्ती के बाद अभी भी बैलेंसिंग चल रही है। गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट भी यही कहती है-AI का कुल श्रम बाजार पर प्रभाव अभी कम है, हालांकि मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन, कस्टमर सर्विस और टेक जैसे क्षेत्रों में कुछ असर पड़ सकता है। दिसंबर से अब तक AI से जुड़ी छंटनियां बहुत कम दर्ज की गई हैं।

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