SIP ने धन सृजन को हर निवेशक के लिए सुलभ बना दिया है। यह साबित करता है कि लंबी अवधि में इक्विटी सबसे बेहतर वेल्थ क्रिएटर है और इसके लिए किसी जीनियस होने की नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और निरंतर निवेश की जरूरत होती है।
अगर आप युवा हैं और 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भविष्य के लिए निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह आपके लिए एक सही समय है। आप अभी से अपनी आर्थिक सुरक्षा की नींव डाल सकते हैं।
म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों की अनुशासित और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण की बढ़ती रुचि के चलते साल 2025 में SIP के माध्यम से कुल ₹3.34 लाख करोड़ का निवेश हुआ, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
एसआईपी निवेश का एक एक बेहतरीन तरीका है, जो म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए एक अनुशासित और व्यवस्थित तरीका प्रदान करता है। इसमें लगातार बने रहने से आप भविष्य के लिए बड़ी पूंजी इकट्ठा कर सकते हैं।
SIP, यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, निवेश का एक तरीका है जिसमें एक तय रकम को रेगुलर इंटरवल पर, जैसे महीने या तिमाही में, म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किया जाता है। यह तरीका डिसिप्लिन्ड इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देता है और समय के साथ पैसा जमा करने में मदद करता है। इसमें रिटर्न की कोई लिमिट नहीं है। आपको बहुत हाई रिटर्न भ
जब आप एसआईपी में हर महीने निवेश करने की शुरुआत कर रहे हों तो ध्यान रहे कि फंड्स में डाइवर्सिफिकेशन जरूर होनी चाहिए। साथ ही एसआईपी में निवेश में धैर्य बेहद जरूरी है, क्योंकि एसआईपी का जादू सात से 10 साल बाद दिखता है।
एफडी निवेश के साधन हैं जबकि एसआईपी एक निवेश प्रक्रिया है। इन दोनों में निवेश को लेकर अपनी-अपनी जगह कुछ खास विशेषताएं और लाभ हैं।
अपने एसआईपी प्लान में 8/4/3 नियम को शामिल करना एक तरह से सोने पर सुहागा है, जो आपको लंबे समय में चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति से लाभ उठाने में मदद कर सकता है।
नियमित रूप से अगर आप एसआईपी को बढ़ाते हैं तो अनुशासित बचत की आदत डालने में आपको मदद मिलती है। यह आपको खर्च करने की तुलना में बचत को प्राथमिकता देने और अपने निवेश दृष्टिकोण में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करता है।
आरडी निश्चित ब्याज दरें प्रदान करता है जो आम तौर पर 5% से 9% के बीच होती हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए थोड़ी अधिक दरें होती हैं। ये दरें पूरी अवधि के लिए लॉक होती हैं। जबकि एसआईपी में रिटर्न की गारंटी नहीं होती है।
एक रेगुलर एसआईपी एक व्यवस्थित निवेश योजना का सबसे आसान रूप है। इसमें आपको नियमित अंतराल पर पैसे डालने होते हैं। आप चाहें तो मासिक, द्वि-मासिक, त्रैमासिक या अर्ध-वार्षिक ऑप्शन चुन सकते हैं।
मार्च, 2024 में एसआईपी खातों की संख्या 8.4 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पिछले सात वर्षों में एसआईपी से म्यूचुअल फंड योगदान में चार गुना से अधिक की वृद्धि देखी गई है।
एसआईपी निवेश की खास बात यह है कि आप छोटी बचत राशि के साथ शुरुआत कर सकते हैं। यह बाजार की अस्थिरता और बाजार के समय के बारे में चिंता किए बिना अनुशासित तरीके से निवेश करने में मदद करता है।
म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल 44 कंपनियां काम कर रही हैं। इक्विटी कोषों में निवेश के लिए ये कंपनियां मुख्य रूप से एसआईपी पर निर्भर करती हैं।
शेयरों यानि इक्विटी में निवेश कर आप सबसे अधिक रिटर्न पाते हैं। सोने का रिटर्न देखेंगे तो इसने एक साल में निगेटिव रिटर्न दिया है। रियल एस्टेट की हालत भी छुपी नहीं है।
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