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AIIMS की डॉक्टर ने बताया, एंग्जाइटी और पैनिक अटैक को तुरंत कंट्रोल कर सकता है एक मामूली सा पेपर बैग, जानें कैसे इस्तेमाल करें

How To Control Panic Attack And Anxiety: ​अगर आप एंग्जाइटी के शिकार हैं और कई बार पैनिक अटैक के लक्षण महसूस करते हैं तो एक नॉर्मल पेपर बैग आपके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। एम्स की डॉक्टर ने बताया इसे कैसे इस्तेमाल करना है।

Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
Published : Feb 03, 2026 07:34 am IST, Updated : Feb 03, 2026 07:34 am IST
पैनिक अटैक और एंग्जाइटी को कैसे कम करें- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK पैनिक अटैक और एंग्जाइटी को कैसे कम करें

आजकल लोगों में एंग्जाइटी और पैनिक अटैक आने के मामले काफी बढ़ गए हैं। एंग्जाइटी आपको किसी भी स्थिति, इंसान या बात से हो सकती है। इंसान जब घुटन महसूस करता है और एक ही बात को बार-बार सोचता रहता है तो उसे एंग्जाइटी महसूस होती है। वहीं पैनिक अटैक वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति को बिना किसी रियल फियर के या कारण के बहुत डर महसूस होता है। पैनिक अटैक में आपको घबराहट और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है। इसके अलावा कई लक्षण ऐसे महसूस होते हैं कि जैसे दिल का दौरा पड़ रहा हो। ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और एक बड़ा आसान सा उपाय कर लें।

AIIMS दिल्ली की जनरल फिजिशियन और न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो बता रही हैं कि अगर किसी व्यक्ति को बार-बार पैनिक अटैक आते हैं, तो कोई भी एक नॉर्मल पेपर बैग आपके लिए  बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। 

पैनिक अटैक के दौरान क्या होता है?

जब किसी व्यक्ति को पैनिक अटैक आता है , तो वह बहुत तेजी से सांस लेने लगता है। ऐसे में खून में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड फेफड़ों के जरिए बहुत अधिक मात्रा में बाहर निकल जाती है। इससे शरीर का पीएच संतुलन बिगड़ जाता है। घबराहट, धड़कन तेज होना , सीने या शरीर के अन्य हिस्सों में जकड़न महसूस होना, सीने में भारीपन, सीने के एक तरफ या पीठ में कंधे की मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षणों से यह बदलाव स्पष्ट हो जाता है।

कागज का बैग या थैली कैसे मदद करती है

अगर कोई व्यक्ति जो डिप्रेशन, एंग्जाइटी या पैनिक अटैक की स्थिति में इन लक्षणों को महसूस करता है, तो कागज का बैग उसके लिए मददगार साबित हो सकता है। आपके पास किसी भी कागज का कोई बैग हो। अब व्यक्ति को बस इतना करना है कि कागज की थैली से अपनी नाक और मुंह को ढक लें और उसे मुंह को कसकर बंद रखें। फिर धीरे-धीरे छह से दस बार सांस अंदर और बाहर लेनी है।

एंग्जाइटी और पैनिक अटैक से कैसे बचें 

कागज का बैग शरीर से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को रोकने में मदद करता है। अगर कार्बन डाइऑक्साइड शरीर में बनी रहती है और खून में इसका लेवल नॉर्मल हो जाता है, तो खून का pH सामान्य हो जाता है और कुछ ही मिनटों में लक्षण गायब हो जाते हैं।

हालांकि, डॉक्टर सेहरावत ने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति को बार-बार पैनिक अटैक आते हैं, तो मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक से परामर्श लेना बेहतर है। इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि इस समस्या से निपटने के लिए दवा से संबंधित और गैर-दवा से संबंधित जीवनशैली में क्या बदलाव आवश्यक हैं।

 

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