भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में मॉनसून का कड़ा प्रहार जारी है। मौसम विभाग मुंबई द्वारा जारी किए गए 'ऑरेंज अलर्ट' और मूसलाधार बारिश की चेतवानी के बाद प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। 6 जुलाई को मुंबई नगर निगम और जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तरह 6 जुलाई के बाद अब 7 जुलाई को भी मुंबई महा नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।
6 जुलाई को पेड़ गिरने की घटनाएं आयी सामने
मौसम विभाग ने 6 जुलाई सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया कि मुंबई और तटीय इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश होने की भी संभावना है। सोमवार को दिनभर हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मुंबई के साथ ही महाराष्ट्र के कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामना आईं। इस स्थिति और रास्तों पर होने वाले जलभराव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बच्चों को जोखिम से दूर रहने के लिए आधिकारिक छुट्टी की घोषणा कर दी। मुंबई के साथ ही ठाणे, पालघर और नासिक जिलों में भी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। अगर स्थिति में सुधार न हुआ तो संभव है कि 7 जुलाई के बाद 8 जुलाई को भी विद्यालयों को बंद रखा जाए।
आंकड़ों की मानें तो जुलाई के शुरुआती दिनों में ही मुंबई में इस महीने की औसम बारिश का लगभग 70-80 प्रतिशत पानी बरस चुका है। जल तांडव के चलते न केवल शिक्षा विभाग प्रभावित हुआ है बल्कि मुंबई की लाइफ लाइन लोकल ट्रेनें और साथ ही सड़क यातायात पर भी बुरा असर देखने को मिला है। मौसम विभाग की मानें तो 8 जुलाई तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है। मुंबई प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई के निवासियों से अपील भी की है कि जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो तो घरों से बाहर न निकलें। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन के द्वारा नागरिकों को यह चेतावनी भी दी जा रही है कि तटीय इलाकों से दूर रहें और जलभराव वाले इलाकों में वाहन लाने की गलती न करें।
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