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महाराष्ट्र में बारिश की तबाही पर तेज हुआ सियासी घमासान, पुणे में भूस्खलन से ढहा घर; दबकर 1 की मौत, 2 लापता

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Malaika Imam
 Published : Jul 06, 2026 02:47 pm IST,  Updated : Jul 06, 2026 03:04 pm IST

पुणे के मावल तहसील के पाटन गांव में सोमवार तड़के भारी बारिश के कारण तीन जगहों पर भूस्खलन हुआ। इस दौरान एक घर मलबे के नीचे दब गया, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई।

पुणे के पाटन गांव में भारी बारिश के बाद आए भूस्खलन में घर ढहा- India TV Hindi
पुणे के पाटन गांव में भारी बारिश के बाद आए भूस्खलन में घर ढहा Image Source : PTI

महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मुंबई, पुणे, पालघर और रायगढ़ समेत कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पुणे जिले के मावल तहसील के पाटन गांव में सोमवार को भारी बारिश के दौरान भूस्खलन हुआ, जिसका मलबा एक घर पर गिर गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और परिवार के दो अन्य सदस्य लापता हो गए।

मलबे से शव निकाला गया, 2 की तलाश

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) अधिकारी ने कहा, "मलबे से एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है और अन्य दो लोगों की तलाश जारी है।" पुलिस उपाधीक्षक गजानन टोम्पे ने कहा कि भारी बारिश के बाद इस दूरदराज के गांव में तीन जगह भूस्खलन हुआ। उन्होंने कहा, "इन घटनाओं में से एक में एक घर मलबे के नीचे दब गया। सोमवार तड़के जब भूस्खलन हुआ, तब घर के अंदर तीन लोग मौजूद थे।" अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय समूहों की टीम खोज और बचाव अभियान में जुटी है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में एनडीआरएफ की टीम ने मावल तहसील में घोरावाडी रेलवे स्टेशन के पास जलभराव के बाद एक निजी बस में फंसे 37 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया।

 

मुंबई में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद

मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। पिछले 3 दिनों में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 100 से ज्यादा जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। कई इलाकों में जलभराव, मकानों की दीवारें गिरने और चॉलों के हिस्से ढहने जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीएमसी के मुताबिक, 7 जुलाई सुबह 8.0 बजे से 8 जुलाई सुबह 8.0 बजे तक विक्रोली, मालवणी, बोरीवली, चिंचोली, डिंडोशी समेत कई इलाकों में 200 से 250 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

आज दोपहर करीब 4 बजे 4.16 मीटर यानी लगभग 13 फीट ऊंची हाई टाइड की आशंका है। मौसम विभाग ने मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के डीडीजी बिक्रम सिंह के मुताबिक, मुंबई में जून महीने की बारिश की कमी पूरी हो चुकी है और अब तक सामान्य से करीब 60 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, बुधवार से बारिश की तीव्रता कम होने और येलो अलर्ट रहने की संभावना जताई गई है। रेड अलर्ट को देखते हुए मुंबई और एमएमआर के स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं, जबकि कई सरकारी दफ्तरों में ऑनलाइन कामकाज किया जा रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर

आपको बता दें कि भारी बारिश का असर महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र पर भी देखने को मिला। कई विधायक और मंत्री समय पर सदन नहीं पहुंच सके, जिसके चलते कोरम पूरा नहीं हुआ। विधानसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। मुंबई पुणे मिसिंग लिंक पर चट्टान खिसकी, मिसिंग लिंक के टनल में वाटर लीकेज हो गया। अब इस पूरी स्थिति पर सियासत भी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार इसे अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा बताते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है।

विपक्ष के आरोप

कांग्रेस नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि सरकार ने भ्रष्टाचार के दम पर मिसिंग लिंक का उद्घाटन किया था, लेकिन पहली बड़ी बारिश में ही उसकी हकीकत सामने आ गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय बना बांद्रा-वर्ली सी-लिंक आज भी मजबूती से खड़ा है, जबकि मौजूदा सरकार के दावे पानी में बह गए।

कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने कहा कि पेड़ गिरने, मैनहोल हादसों, चॉल गिरने और मौतों के लिए सरकार और बीएमसी की लापरवाही जिम्मेदार है।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता भास्कर जाधव ने भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की वजह से महाराष्ट्र में ऐसी बदहाली देखने को मिल रही है।

एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि जिस मिसिंग लिंक का महज तीन महीने पहले उद्घाटन हुआ, उसी परियोजना की पहली बारिश में पोल खुल गई। सरकार को जवाब देना चाहिए।

सरकार का पलटवार

सरकार ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी नेता और सड़क निर्माण एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर ने कहा कि मिसिंग लिंक इंजीनियरिंग का एक अनोखा प्रोजेक्ट है, जिसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। उन्होंने कहा कि यह अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा है, लेकिन सरकार और प्रशासन पूरी तरह मैदान में हैं और लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। पूरे प्रशासन को अलर्ट मोड और सड़क पर जमीनी स्तर पर उतारा गया है। 

बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि मुंबई एक आइलैंड सिटी है और हाई टाइड के समय जल निकासी प्रभावित होना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पूरी जानकारी लिए बिना सिर्फ राजनीति कर रहा है।

बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने भी कहा कि जहां मानवीय लापरवाही होगी वहां कार्रवाई होगी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के लिए सरकार को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

सरकार में शामिल एनसीपी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक ने माना कि प्रशासन को और बेहतर तरीके से जमीन पर काम करना होगा, लेकिन राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

मुंबई में फिलहाल बारिश का कहर जारी है। आज रेड अलर्ट लागू है, हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि कल से बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है और चेतावनी येलो अलर्ट में बदली जा सकती है। लेकिन सवाल सिर्फ बारिश का नहीं, बल्कि हर मॉनसून में सामने आने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर, जल निकासी और प्रशासनिक तैयारियों का भी है। यही वजह है कि इस बार बारिश सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, बल्कि विधानसभा के भीतर भी सियासी तूफान लेकर आई है।

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