पैरों में उभरी हुई नीली नसें दिखना तब तक ही अच्छा लगता है जब तक वह मकड़जाल की तरह आपस में फैली न हों। क्योंकि अगर ऐसा है तो यह वैरिकोज़ वेन्स का संकेत हो सकता है। दरअसल, हमारा शरीर हज़ारो वेन्स से बना है। पूरे शरीर में फैली ये ब्लड वेसल्स, सर्कुलेटरी सिस्टम का हिस्सा होती हैं जो ब्लड, ऑक्सीजन और न्यूट्रिशंस को पूरी बॉडी में भेजने का काम करता है। लेकिन जब ये सिस्टम बिगड़ता है तो तमाम तरह के कॉम्प्लिकेशंस दिखने लगते हैं। जिनमें से एक है वैरिकोज़ वेन्स जो ज़्यादातर पैरों में होती है इसमें नसों में सूजन होती है वो मोटी, नीली और मुडी हुई नज़र आती है। दुनिया में 30 से 40% आबादी वैरिकोज़ से जूझ रही है। हर 5 में से 1 अडल्ट वैरिकोज़ से परेशान है। चलिए जानते हैं वैरिकोज वेन्स किन वजहों से होती है और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
वैरिकोज वेन्स का कारण:
वैरिकोज वेन्स मुख्य रूप से पैरों की नसों में मौजूद वाल्वों के कमजोर होने या क्षतिग्रस्त होने और खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण होती हैं, जिससे नसों में दबाव बढ़ता है। यह स्थिति तब होती है जब नसों में रक्त को दिल की ओर वापस ले जाने वाले वाल्व ठीक से काम नहीं करते हैं। इससे, खून नसों में जमा होने लगता है, जिससे नसें सूज जाती हैं, मुड़ जाती हैं और नीली या बैंगनी दिखाई देने लगती हैं।
किन लोगों में होती है यह समस्या?
यह समस्या ज़्यादा देर तक खड़े रहने और लगातार बैठे रहने से होती है इसलिए इसके सबसे ज़्यादा शिकार दुकानदार, टीचर, ऑफिस में घंटों बैठने वाले ट्रैफिक पुलिस, और सिक्योरिटी गार्ड्स होते हैं कहने का मतलब है कि जो लोग ज़्यादा चल नहीं पाते वो डेंजर ज़ोन में आ जाते हैं।
वैरिकोज वेन्स का उपचार:
वैरिकोज वेन्स का उपचार कपिंग, लीच थेरेपी, मिट्टी लेप और धूप चिकित्सा जैसी विधियों से किया जा सकता है, जो रक्त प्रवाह में सुधार, दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती हैं। वैरिकोज नसों की समस्या में एप्पल साइडर विनेगर, जैतून के तेल की मालिश और बर्फ की सिकाई रक्त संचार में सुधार कर दर्द व सूजन को कम करने के लिए कारगर घरेलू उपाय माने जाते हैं। इसके अलावा, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां जैसे गिलोय, अश्वगंधा, गुग्गुल, गोखरू और पुनर्नवा सूजन कम करने और नसों को मजबूत करने में सहायक हो सकती हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)