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Explainer: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दी हमले की धमकी; जानिए क्यों है दोनों देशों के बीच विवाद

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले की बात तक कह दी है। चलिए ऐसे में जानते हैं कि दोनों देशों के बीच विवाद क्या है।

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927
Published : Dec 03, 2025 01:25 pm IST, Updated : Dec 03, 2025 01:25 pm IST
 Donald Trump- India TV Hindi
Image Source : AP/INDIA TV Donald Trump

America And Venezuela Tension: अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात जंग की तरफ जाते हुए नजर आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ-साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका सेना आने वाले दिनों में वेनेजुएला के अंदर जमीनी हमले शुरू कर सकता है। वैसे देखा जाए तो अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच रिश्ता लगातार तनाव, प्रतिबंधों और राजनीतिक टकरावों से भरा रहा है। दोनों देशों के विवाद को सिर्फ सरकारों का टकराव कहना गलत होगा। विवाद के पीछे विचारधारा, ऊर्जा राजनीति, सत्ता संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय भू-रणनीति की जटिल परतें छिपी हुई हैं। चलिए ऐसे में समझते हैं कि आखिर अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच विवाद क्यों है, इसकी शुरुआत कब हुई आज दोनों देशों कहां खड़े हैं।

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच क्या है विवाद की जड़?

अमेरिका की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे मजबूत है और यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था वाला देश है। दूसरी ओर वेनेज़ुएला 1999 के बाद से ह्यूगो चावेज और फिर निकोलस मादुरो के नेतृत्व में समाजवादी और अमेरिका-विरोधी नीतियों का पालन करता रहा। यही वैचारिक अंतर दोनों देशों के टकराव का सबसे बड़ा और मुख्य कारण है। एक समय था जब ह्यूगो चावेज खुले मंच पर अमेरिका को धमकी देते थे और उसकी नितियों की आलोचना करने थे। चावेज ने क्यूबा, रूस और ईरान जैसे देशों के साथ मिलकर अमेरिका के खिलाफ गठजोड़ भी बढ़ाया था। धीरे-धीरे वेनेजुएला में अमेरिकी तेल कंपनियों का दखल बेहद कम हो गया था और आज भी अमेरिका को इसकी टीस है।

क्या है अमेरिका की चाहत?

अमेरिका चाहता है कि लैटिन अमेरिकी देश में उसकी जड़ें मजबूत हों। अमेरिका यहां राजनीतिक और आर्थिक पकड़ भी बनाए रखना चाहता है लेकिन वेनेज़ुएला उसकी क्षेत्रीय नीतियों का खुलकर विरोध करता है। इसके अलावा अमेरिका वेनेज़ुएला से जुड़े अन्य मसलों पर भी नाराज रहता है जिनमें मानवाधिकार उल्लंघन, चुनावी धांधली, अपराध और नशे का करोबार शामिल है।

Donald Trump

Image Source : AP
Donald Trump

तेल के मुद्दे ने गहरा किया विवाद

वेनेज़ुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला देश है। अमेरिका की नजर वेनेज़ुएला की तेल संपदा पर रही है लेकिन अब जब संबंध खराब हैं तो अमेरिका का सीधा दखल यहां संभव नहीं है। दखल कम हुआ तो अमेरिका ने वेनेज़ुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए। वेनेज़ुएला से सबसे अधिक तेल अमेरिका को ही जाता था लेकिन प्रतिबंधों के बाद व्यापार ठप हो गया। तेल प्रतिबंधों ने दोनों देशों की रिश्तों में विवाद और अधिक गहरा कर दिया। वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचा तो अमेरिका की साख को बट्टा लगा।

मादुरो और अमेरिका के बीच ठनी

2013 में ह्यूगो चावेज की मौत हो गई जिसके बाद निकोलस मादुरो सत्ता में आए। ये ऐसा समय था जब वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी। एक तरफ वेनेज़ुएला आंतरिक कारणों से परेशान था तो वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। अमेरिका ने कहा कि मादुरो की सरकार लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और वेनेज़ुएला में विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। अमेरिका ने चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए और बार-बार मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात कही।

अमेरिका ने क्या किया?

वेनेज़ुएला में हालातों को देखते हुए 2019 में अमेरिका ने विपक्षी नेता जुआन ग्वायडो को वेनेज़ुएला का वैध अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया। यह विवाद तब और बढ़ गया जब मादुरो ने अमेरिका पर तख्तापलट कराने का आरोप लगाया। इसके बाद तो अमेरिका ने वेनेज़ुएला की संपत्तियां फ्रीज कर दीं। कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए साथ ही राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव भी बढ़ा दिया। वेनेज़ुएला ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया जिसके बाद विवाद और अधिक बढ़ गया।

Nicolas Maduro

Image Source : AP
Nicolas Maduro

प्रवास, ड्रग तस्करी और अपराध बना मुद्दा

वेनेज़ुएला में संकट बढ़ा तो भारी संख्या में लोग अमेरिका पहुंचने लगे। इसकी वजह से सीमा प्रवास संकट ने विवाद को और बढ़ा दिया। संकट के इस समय में अमेरिका ने मादुरो को घेरा और उनकी नीतियों की विफल बताया। मादुरो ने अमेरिकी प्रतिबंधों को प्रवास संकट का मुख्य कारण कहा। इसके अलावा अमेरिका ने बार-बार वेनेज़ुएला के नोताओं और सैन्य अधिकारियों पर ड्रग तस्करी का आरोप लगाया। 2020 में अमेरिका ने मादुरो पर भी ड्रग कार्टेल को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। साफ है कि जिन मुद्दों को आसानी से सुलझाया जा सकता था वो दोनों देशों के बीच बड़े विवाद बन गए थे। अब हालात जंग तक पहुंचते हुए नजर आ रहे हैं।

कैसे हैं मौजूदा हालात? 

अभी तक आपने अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच विवाद की मुख्यों वजहों के बारे जाना चलिए अब एक नजर आज की मौजूदा हालात पर डाल लेते हैं। आज भी स्थिति ऐसी है कि अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव जारी है। अमेरिका कहता है कि मादुरो लोकतंत्र को दबा रहे हैं। वेनेज़ुएला कहता है कि अमेरिका सत्ता बदलने की साजिश करता है। वेनेज़ुएला चाहता है कि अमेरिका तेल और आर्थिक प्रतिबंध हटाए।

अमेरिका कहता है कि यह तभी होगा जब वेनेज़ुएला में राजनीतिक सुधार होंगे। अमेरिका नहीं चाहता कि वेनेज़ुएला में रूस और चीन का प्रभाव बढ़े लेकिन वेनेज़ुएला खुले तौर पर अमेरिका विरोधी गठजोड़ का हिस्सा है। विवाद गहरे हैं और हालात जंग की ओर जा रहे हैं।

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