1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. जानें महिलाओं को हर साल क्यों कराने चाहिए ये 5 टेस्ट, डॉक्टर बता रहे हैं किन गंभीर बीमारियों से होगा बचाव?

जानें महिलाओं को हर साल क्यों कराने चाहिए ये 5 टेस्ट, डॉक्टर बता रहे हैं किन गंभीर बीमारियों से होगा बचाव?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Dec 04, 2025 11:00 pm IST,  Updated : Dec 04, 2025 11:00 pm IST

डॉक्टर से जानते हैं महिलाओं को अपनी सेहत की देखभाल के लिए हर साल या नियमित रूप से कौन से टेस्ट कराने चाहिए।

महिलाओं को हर साल कराने चाहिए ये टेस्ट- India TV Hindi
महिलाओं को हर साल कराने चाहिए ये टेस्ट Image Source : FREEPIK

महिलाएं अपने घर में सबकी देखभाल करती हैं लेकिन अपनी सेहत का ध्याना रखना अक्सर भूल जाती हैं। उनकी अनियमित जीवनशैली, बिगड़ा हुआ खानपान, हार्मोनल बदलाव, और बढ़ती उम्र, उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में ज़रूरी है कि समय समय पर महिलाओं को कुछ ये ज़रूरी टेस्ट कराना चाहिए। इन टेस्ट को कराने से कई गंभीर बीमारियों को होने से रोक सकते हैं।  मैकक्योर हॉस्पिटल में ऑब्स एंड गाइनी, सीनियर कंसल्टेंट, डॉ। नीलम कुमारी इला बता रही हैं कि महिलाओं को साल में कौन से टेस्ट कराने चाहिए?

महिलाओं को ज़रूर करने चाहिए ये टेस्ट:

  • ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर टेस्ट: हाई बीपी और डायबिटीज़ दो ऐसी मेडिकल कंडीशन हैं जिनका शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है। लेकिन भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं इस दो समस्याओं से जूझ रही हैं। हाई बीपी की वजह से दिल की बीमारी और किडनी डैमेज का खतरा तेजी से बढ़ाता है। वहीं, डायबिटीज़ की वजह से आंखों, नसों और हृदय को प्रभावित कर सकता है। 

  • लिपिड प्रोफाइल चेकअप: लिपिड प्रोफ़ाइल टेस्ट कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को मापता है। यह दिल की बीमारी के खतरे का अंदाज़ा लगाने में मदद करता है। महिलाओं को 20s पार करने के बाद, हर 3 साल में एक बार टेस्ट करवाना चाहिए। जिन महिलाओं को दिल की बीमारी या डायबिटीज़ होने का ज़्यादा खतरा होता है, वे हर साल टेस्ट करवा सकती हैं। 

  • थायरॉयड टेस्ट: महिलाओं में थायरॉयड भी तेजी से बढ़ता है। थायरॉयड ग्रंथि में गड़बड़ी की वजह से महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसका असर वजन, प्रेग्नेंसी, त्वचा, बालों और पीरियड्स पर भी पड़ता है। कई बार यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और पहचान में नहीं आती।

  • हीमोग्लोबिन और विटामिन D टेस्ट: हमारे देश में महिलाओं में एनीमिया और विटामिन D की कमी बहुत ज़्यादा पाई जाती है। हीमोग्लोबिन की कमी होने होने से थकान, सांस फूलना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं , विटामिन D की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसलिए आपको यह दोनों टेस्ट कराना चाहिए। 

  • पैप स्मियर या सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग: सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में पाया जाने वाला एक प्रमुख कैंसर है। पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों को देखने में मदद करता है ताकि इसका जल्दी पता चल सके। यह सर्विक्स पर प्री-कैंसरस या कैंसरस सेल्स की भी जांच करता है। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर 3 वर्ष में पप स्मियर, और HPV टेस्ट सलाह अनुसार कराना चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ समय बढ़ाया जा सकता है और आप लगातार नॉर्मल पैप स्मीयर टेस्ट करवा सकती हैं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।