महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस एसीपी सचिन हिरे ने 8 मौतों की पुष्टि की। वहीं, सीपी अमितेश कुमार ने बताया कि पुणे सिटी पुलिस के अधिकार क्षेत्र में हड़पसर इलाके में कुल 4 मौतें हुईं हैं। इसके बाद दो अन्य मौतों की पुष्टि हुई। कई अन्य लोगों का इलाज किया जा रहा है। हालांकि, कल तक पुलिस इन मौतों को प्राकृतिक बता रही थी। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस उपायुक्त संदीप आटोले (पिंपरी चिंचवड) ने सात लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। मृतकों की पहचान दत्ता माधवराव सूर्यवंशी (55), अशोक रमेश चव्हाण (52), राहुल शरद क्षीरसागर (45), विजय भुकुरलाल शर्मा (45) और अरुण दादर के रूप में हुई है। सभी मृतक हडपसर और सासानेनगर इलाके के निवासी थे।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी योगेश वानखेडे ने कथित तौर पर उरुली कांचन के राजू प्रजापति से अवैध शराब खरीदी थी और बाद में उसमें पानी तथा अत्यंत जहरीला औद्योगिक केमिकल मेथनॉल मिलाया। यह जहरीली शराब कथित रूप से फुगेवाड़ी के कर्नेलसिंह विरका, हडपसर के आकाश जाधव और दापोली के पप्पू कुरैशी द्वारा संचालित शराब अड्डों के जरिए बेची और सप्लाई की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि कल्पेश अग्रवाल की ताड़ी की दुकान का इस्तेमाल शराब में मिलावट करने के लिए किया गया था। वहीं, मिलावटी शराब की एक खेप शिवाजीनगर के वडारवाड़ी निवासी आर्यन संजय धोत्रे को भी सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
8 आरोपी गिरफ्तार
घटना को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इसमें 8 लोगों को अरेस्ट किया गया है। कुछ और लोगों को भी अरेस्ट किया जा सकता है। इसके पूरे इकोसिस्टम को हमने ढूंढ निकाला है। इनका इकोसिस्टम कहां तक फैला है इसे भी ढूंढा जा रहा है। पुलिस पूरी तरह से प्रयास कर रही है। मैं मानता हूं कि इसकी जड़ों तक जाकर हम इसे समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि शराब को लेकर जांच की जा रही है कि लोगों की मौत का कारण क्यों बनी।
सख्त कार्रवाई के आदेश
सूत्रों के मुताबिक जहरीली शराब से मौत के मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिया है। उन्होंने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्तों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक दोनों पुलिस बलों द्वारा समन्वय के साथ जांच की जाएगी। इसमें संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की जाए। घटना में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सभी के खिलाफ सख्त धाराएं लगाई गई हैं। घटना की जांच में आबकारी विभाग भी जुटा हुआ है। सीएम फडणवीस ने कहा है कि किसी को भी बख्शा न जाए।
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