महिलाओं में पीसीओडी, थायराइड और आयरन डिफिशिएंसी की समस्या बेहद आम होती है। चलिए जानते हैं ये गंभीर समस्यांए ट्रिगर न हों इसलिए महिलाओं को किन गलतियों को करने से बचना चाहिए?
अगर आप भी पीसीओडी की चपेट में आ गई हैं तो चलिए न्यूट्रिशनिस्ट से जानते हैं इसे कंट्रोल करके लिए किन हर्बल चाय का सेवन करें
Belly Fat Exercise For Women At Home: पेट की जिद्दी चर्बी सिर्फ दिखने में ही खराब नहीं लगती, बल्कि यह आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए भी बेहद नुकसानदायक है।। ऐसे में इसे कम करने के लिए इन कुछ एक्ससाइज़ को शुरू करें।
डॉक्टर से जानते हैं महिलाओं को अपनी सेहत की देखभाल के लिए हर साल या नियमित रूप से कौन से टेस्ट कराने चाहिए।
हर स्थिति में आईवीएफ की जरूरत नहीं होती। चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं किन परिस्थितियों में यह उपचार सही विकल्प है और कब इसकी आवश्यकता नहीं होती।
सर्वाइकल कैंसर होने पर महिलाओं के शरीर में ये कुछ गंभीर लक्षण दिखाई देने लगते हैं। एक्सपर्ट से जानते हैं वे लक्षण कौन से हैं और किस उम्र की महिलाओं में यह बीमारी तेजी से बढ़ती है।
पीसीओडी होने पर महिलाओं के शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं जो नॉर्मल लगे लेकिन ये संकेत उनकी ओवरऑल हेल्थ के लिए सही नहीं है। इस वजह से उन्हें कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है
पीसीओएस में सही खान पान बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर भोजन पर ध्यान न दिया जाए तो लक्षण और गंभीर हो सकते हैं।
पीसीओडी महिलाओं में एक हार्मोनल विकार है। इसके लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मुंहासे और बालों का बढ़ना शामिल हैं। एक्सपर्ट बता रहे हैं कि पीसीओडी में हेयर फॉल क्यों होता है और शरीर पर अनचाहे बाल आने लगते हैं
एक महिला के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए फर्टिलिटी साइकिल की सही समझ बहुत जरूरी है। यह न सिर्फ गर्भधारण की संभावना को प्रभावित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि शरीर में हॉर्मोनल संतुलन सही है या नहीं।
मां के दूध में मौजूद पोषक तत्वों से सिर्फ नवजात शिशु के लिए ही फायदेमंद नहीं होता है बल्कि इससे मां को भी जबरदस्त लाभ होते हैं।
नई मां को ब्रेस्टफीडिंग कराते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। इन टिप्स की मदद से आप अपना और अपने बच्चे की बेहतरीन ढंग से केयर करत सकती हैं.
डॉक्टर बता रही हैं कि लम्बे समय तक गर्भनिरोधक गोलियां लेने से, बाद में प्रेगनेंसी में मुश्किल आती है या नहीं?
यूटीआई एक ऐसी समस्या है जो लाखों लोगों को प्रभावित करती है, लेकिन महिलाओं में यह विशेष रूप से ज़्यादा देखने को मिलती है। ऐसे में चलिए जानते हैं यूटीआई इंफेक्शन होने पर महिलाओं में कौन से लक्षण दिखते हैं
पीरियड्स का आपकी प्रजनन क्षमता से गहरा संबंध है, लेकिन हर बार पीरियड्स मिस होने का मतलब प्रेग्नेंसी नहीं होता। सवाल यह है कि पीरियड्स आपकी प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं?
हमारी किडनी 24 घंटे काम करती है। ऐसे में जब इसमें कोई गड़बड़ी आती है तो उसका असर हमारे शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है, खासकर महिलाओं में। चलिए, जानते हैं किडनी से जुड़ी परेशानी होने पर महिलाओं में कौन से लक्षण नज़र आते हैं।
महिलाओं की सेहत के लिए योग और एक्सरसाइज दोनों ही बेहद जरूरी हैं। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाने में मदद करता है, वहीं, एक्सरसाइज शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है।
बिगड़ती हुई लाइफस्टाइल की वजह से आजकल कम उम्र में ही महिलाएं कई बीमारियों की चपेट में आने लगी हैं। ऐसे में एक्सपर्ट बता रही हैं कि सेडेंटरी लाइफ स्टाइल महिलाओं की सेहत पर कितना बुरा प्रभाव डाल रही है?
हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन ने यह चिंता जताई है कि लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से महिलाओं में स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में डॉ. बता रहे हैं कि क्या सभी महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों से खतरा है?
शरीर में आयरन की कमी से हीमग्लोबिन कम होने लगता है जिसके चलते शरीर बहुत ज़्यादा कमजोर हो जाता है। महिलाओं में आयरन की कमी से एनीमिया हो जाता है, चलिए जानते हैं आयरन की डिफिशिएंसी को दूर करने के लिए किन फूड्स को डाइट में शामिल करना होगा?
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