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पीसीओएस में किन चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए और क्यों?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Sep 05, 2025 11:00 pm IST,  Updated : Sep 05, 2025 11:04 pm IST
पीसीओएस एक हार्मोनल समस्या है जो महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल और पिंपल्स जैसी परेशानी पैदा करती है। ब्लूम क्लिनिक में आयुर्वेदिक चिकित्सा और पोषण विशेषज्ञ, डॉ. अंजना कालिया कहती हैं कि इस स्थिति में सही खान पान बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर भोजन पर ध्यान न दिया जाए तो लक्षण और गंभीर हो सकते हैं।
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पीसीओएस एक हार्मोनल समस्या है जो महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर बाल और पिंपल्स जैसी परेशानी पैदा करती है। ब्लूम क्लिनिक में आयुर्वेदिक चिकित्सा और पोषण विशेषज्ञ, डॉ. अंजना कालिया कहती हैं कि इस स्थिति में सही खान पान बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर भोजन पर ध्यान न दिया जाए तो लक्षण और गंभीर हो सकते हैं।
सबसे पहले, मीठी चीज़ों से परहेज करना जरूरी है। मिठाई, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड जूस जैसे खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और वजन की समस्या और बढ़ जाती है।
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सबसे पहले, मीठी चीज़ों से परहेज करना जरूरी है। मिठाई, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड जूस जैसे खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और वजन की समस्या और बढ़ जाती है।
मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे सफेद ब्रेड, पिज़्ज़ा, बर्गर और बिस्किट्स को भी कम करना चाहिए। ये शरीर में जल्दी पचकर शुगर को बढ़ाते हैं और पेट की चर्बी जमा करते हैं, जो पीसीओएस में खासतौर पर हानिकारक है।
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मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे सफेद ब्रेड, पिज़्ज़ा, बर्गर और बिस्किट्स को भी कम करना चाहिए। ये शरीर में जल्दी पचकर शुगर को बढ़ाते हैं और पेट की चर्बी जमा करते हैं, जो पीसीओएस में खासतौर पर हानिकारक है।
तीसरा, तली-भुनी और जंक फूड से दूरी रखना जरूरी है। इनमें ट्रांस फैट और ज्यादा नमक होता है, जो शरीर में सूजन को बढ़ाता है और हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स और इंस्टेंट नूडल्स भी पीसीओएस में ठीक नहीं माने जाते। कुछ महिलाओं में फुल क्रीम डेयरी और रेड मीट का अधिक सेवन भी पिंपल्स और हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकता है।
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तीसरा, तली-भुनी और जंक फूड से दूरी रखना जरूरी है। इनमें ट्रांस फैट और ज्यादा नमक होता है, जो शरीर में सूजन को बढ़ाता है और हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, पैकेज्ड स्नैक्स और इंस्टेंट नूडल्स भी पीसीओएस में ठीक नहीं माने जाते। कुछ महिलाओं में फुल क्रीम डेयरी और रेड मीट का अधिक सेवन भी पिंपल्स और हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकता है।
पीसीओएस में परहेज उतना ही महत्वपूर्ण है जितना सही आहार लेना। मीठा, जंक फूड और प्रोसेस्ड चीज़ें कम करने से लक्षणों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम से महिलाओं को लंबे समय तक लाभ मिलता है।
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पीसीओएस में परहेज उतना ही महत्वपूर्ण है जितना सही आहार लेना। मीठा, जंक फूड और प्रोसेस्ड चीज़ें कम करने से लक्षणों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम से महिलाओं को लंबे समय तक लाभ मिलता है।
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