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डॉक्टर से जानें PCOD में क्यों होता है हेयर फॉल और शरीर पर आने लगते हैं ज़्यादा बाल?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Sep 01, 2025 07:05 pm IST,  Updated : Sep 01, 2025 07:06 pm IST

पीसीओडी महिलाओं में एक हार्मोनल विकार है। इसके लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, मुंहासे और बालों का बढ़ना शामिल हैं। एक्सपर्ट बता रहे हैं कि पीसीओडी में हेयर फॉल क्यों होता है और शरीर पर अनचाहे बाल आने लगते हैं

पीसीओडी में बाल क्यों झड़ते हैं- India TV Hindi
पीसीओडी में बाल क्यों झड़ते हैं Image Source : FREEPIK

पीसीओएस या फिर पीसीओडी आज की युवा महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक समस्या है। पीसीओडी के मरीजों में हेयर फॉल होना और शरीर पर अनचाहे बाल आने लगते हैं। नई दिल्ली के द्वारका में स्थित , डर्माहील स्किन एंड क्लिनिक में एमबीबीएस, एमडी, कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. नवजोत अरोड़ा कहते हैं कि यह हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी स्थिति है, जो शरीर में कई तरह के बदलाव लाती है। इनमें से सबसे आम समस्या है, सिर के बाल झड़ना और शरीर पर अनचाहे बालों का आना।

पीसीओएस में क्यों आने लगते हैं शरीर पर बाल

पीसीओएस में शरीर में एंड्रोजन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। जब यह स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो इसका असर सीधे बालों की जड़ों और त्वचा पर दिखाई देता है। सिर के बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं और हेयर फॉल बढ़ जाता है। इसे मेडिकल भाषा में एंड्रोजेनिक एलोपेसिया कहा जाता है। दूसरी ओर, चेहरे, ठुड्डी, पेट और पीठ जैसे हिस्सों पर मोटे और गहरे रंग के बाल उगने लगते हैं। इसे हिर्सुटिज़्म कहते हैं।

इसके अलावा, इंसुलिन रेजिस्टेंस भी पीसीओएस का एक बड़ा कारण है, जो हार्मोनल संतुलन बिगाड़कर बालों की समस्याओं को और बढ़ा देता है। कई बार तनाव, नींद की कमी और गलत खानपान भी स्थिति को गंभीर बना देते हैं।

इस समस्या से कैसे निपटें?

पीसीओएस में हेयर फॉल और अनचाहे बालों को पूरी तरह रोकना आसान नहीं है, लेकिन सही देखभाल से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।

  • संतुलित आहार लें: प्रोसेस्ड फूड और मीठा कम खाएं, और फल, हरी सब्जियां व प्रोटीन शामिल करें।

  • एक्सरसाइज करें: नियमित व्यायाम वजन नियंत्रित करने और हार्मोन संतुलित करने में मदद करता है।

  • डॉक्टर से सलाह लें: जरूरत पड़ने पर डॉक्टर हार्मोन को संतुलित करने वाली दवाएं या टॉपिकल ट्रीटमेंट दे सकते हैं।

  • कॉस्मेटिक ऑप्शन: लेज़र हेयर रिडक्शन और मेडिकल ट्रीटमेंट से हिर्सुटिज़्म से राहत मिलती है

पीसीओएस में बालों की समस्याएं हार्मोनल असंतुलन के कारण होती हैं। समय पर सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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