देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में ऑपरेशनल संकट तीसरे दिन भी गहराया रहा। गुरुवार को एयरलाइन ने 550 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे सैकड़ों यात्रियों की यात्रा योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, स्थिति गंभीर होती देख नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। वहीं, एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संचालन को सामान्य करना और समय पर उड़ानें बहाल करना आसान लक्ष्य नहीं होगा।
एयरलाइन की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस घटकर मात्र 19.7% तक पहुंच गई
खबर के मुताबिक, इंडिगो प्रतिदिन करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है और समय की पाबंदी इसकी सबसे बड़ी USP मानी जाती है। लेकिन लगातार जारी अव्यवस्थाओं के चलते बुधवार को एयरलाइन की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस घटकर मात्र 19.7% तक पहुंच गई, जबकि मंगलवार को यह 35% थी। कैबिन क्रू की कमी, तकनीकी दिक्कतें और अन्य ऑपरेशनल चुनौतियों ने उड़ानों में देरी और कैंसिलेशन का सिलसिला तेज कर दिया है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स की प्रतिक्रिया
इंडिगो के देश भर में ऑपरेशन में बड़े पैमाने पर रुकावटों के बीच, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के प्रेसिडेंट, कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन में से एक है। मैं यह कहना चाहूंगा कि यह इंडिगो एयरलाइंस की नेटवर्क प्लानिंग और ऑपरेशनल प्लानिंग की तरफ से पूरी तरह से मिसमैनेजमेंट है। सरकार दखल क्यों नहीं दे रही है और एयरलाइन से इस गड़बड़ी के बारे में क्यों नहीं पूछ रही है?
किन एयरपोर्ट पर कितनी फ्लाइट्स हुईं कैंसिल
स्थिति संभालने के लिए इंडिगो ने शेड्यूल में बदलाव किए हैं और कई उड़ानों को पहले से निर्धारित कैंसिलेशन प्लान के तहत हटाया जा रहा है। पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को देशभर के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर 550 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- दिल्ली – 172
- मुंबई – 118
- बेंगलुरु – 100
- हैदराबाद – 75
- कोलकाता – 35
- चेन्नई – 26
- गोवा – 11
अन्य शहरों में भी उड़ानें प्रभावित हुईं। विमानन नियामक डीजीसीए, ने बयान जारी कर कहा कि इंडिगो में उड़ान रद्द होने की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 170–200 के बीच है। यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है।
इंडिगो ने दिया ये भरोसा
इंडिगो ने गुरुवार को एविएशन रेगुलेटर DGCA को बताया कि 10 फरवरी, 2026 तक ऑपरेशन पूरी तरह से स्टेबल होने की उम्मीद है, और फ्लाइट ड्यूटी नॉर्म्स में कुछ समय के लिए छूट मांगी। इंडिगो ने रेगुलेटर को यह भी बताया कि 8 दिसंबर तक और भी कैंसिलेशन होंगी और उस दिन से सर्विसेज़ में भी कमी आएगी।






































