सोमवार को सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 3 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी की सभी 27 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने मिडिल ईस्ट की टेंशन को देखते हुए यात्रियों की और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2 मार्च तक UAE, सऊदी अरब, इज़राइल और कतर आने-जाने वाली सभी फ़्लाइट्स पर रोक लगा दी है।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) सुरक्षा एवं परिचालन नियमों के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पूरे इलाके में हवाई सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है और कई जगहों पर एयरस्पेस बंद कर दिया गया है। इसके चलते एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
होली मनाने के लिए घर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए रेलवे ने सैकड़ों स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। वहीं दूसरी ओर, एयरलाइन कंपनियों ने होली के आसपास की तारीखों के लिए हवाई किराये में बढ़ोतरी कर दी है।
सोमवार को भी बाजार ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की थी, लेकिन अंत में एक बड़ी छलांग के साथ कारोबार बंद किया था।
IndiGo ने यात्रियों और क्रू मेम्बर्स की सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला किया है। इससे पहले एयर इंडिया ने भी इस रूट का इस्तेमाल बंद कर दिया है।
हायरिंग नोटिस के मुताबिक, इंडिगो उन पायलटों को भी नौकरी देने के लिए तैयार है, जिन्होंने पहले कभी एयरबस A320 विमान नहीं उड़ाया है, जबकि इंडिगो मुख्य रूप से एयरबस A320 विमान का इस्तेमाल करती है।
भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले किसी भी मैच को ग्राउंड में बैठकर देखना हमेशा से ही एक लंबा और कठिन प्रोसेस बन जाता है।
IndiGo और Air India ने पश्चिम दिशा में जाने वाली उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाए हैं। अपने फ्लाइट्स शेड्यूल में भी बदलाव करने की घोषणा की है। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि उनके लिए यात्री और क्रू की सुरक्षा सर्वोपरि है।
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर साफ नजर दिख रहा है। ईरान से जुड़े घटनाक्रम के बीच एयरलाइंस अलर्ट मोड में आ गई हैं। IndiGo ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए चार अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द करने का ऐलान किया है।
बीते महीने पूरे घरेलू एविएशन सेक्टर में रिकॉर्ड संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना झेलना पड़ा था। एयरलाइंस कंपनियां खासकर इंडिगो के सामने बड़ी चुनौती खड़ी गई थी।
इंडिगो इन रूट्स पर अपने A320neo विमान संचालित करती है। भारत से इन रूट्स पर उड़ानों की अवधि लगभग 6 से 7 घंटे होती है। एयरलाइन उड़ानों को विशेष वजह से सुरक्षित रखने के लिए बच रही है।
इंडिगो को शुक्रवार को शेयर बाजार में जोरदार झटका लगा। कंपनी की पैरेंट इंटरग्लोब एविएशन के शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान करीब 4 फीसदी तक टूटकर 4,724 रुपये के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गए। इसकी वजह दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे रहे, जिसमें कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 78 फीसदी तक घट गया।
बीते 3 से 5 दिसंबर के बीच हुए परिचालन व्यवधान और नए लेबर कोड लागू होने की वजह से एयरलाइंस को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इंडिगो मार्च तिमाही में लगभग 10% क्षमता वृद्धि की योजना बना रही है।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी के पास अब पर्याप्त संख्या में पायलट हैं, ताकि बिना किसी रुकावट के नए फ्लाई ड्यूटी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
याचिकाकर्ता ने प्राइवेट एयरलाइन कंपनियों के हवाई किराये और बाकी फीस में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए बाध्यकारी नियामक दिशानिर्देशों का अनुरोध किया है।
सोमवार को सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 14 कंपनियों के शेयर ही हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 16 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।
शनिवार को जारी एक बयान में डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो के खिलाफ ये कार्रवाई एयरलाइन कंपनी की ऑपरेशनल नाकामियों की समीक्षा के बाद की गई है, जिससे यात्रियों को बड़े पैमाने पर परेशानी हुई थी।
जिन यात्रियों की उड़ानें निर्धारित प्रस्थान समय से 24 घंटे के अंदर रद्द हुई थीं, वे डीजीसीए के सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (सीएआर) सेक्शन 3, सीरीज़ M, पार्ट IV के अनुसार मुआवजे का दावा कर सकते हैं।
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