डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने मंगलवार को कहा कि लगातार नियामक निगरानी और सुधारात्मक उपायों से इंडिगो के परिचालन को स्थिर करने में मदद मिली है। एविएशन रेगुलेटर के अनुसार देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी के पास अब पर्याप्त संख्या में पायलट हैं, ताकि बिना किसी रुकावट के नए फ्लाई ड्यूटी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। पिछले महीने फ्लाइट ऑपरेशन्स में हुई भारी समस्याओं के लिए इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के कुछ ही दिनों बाद डीजीसीए ने ये भी कहा कि वो एयरलाइन के ऑपरेशन्स की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
इंडिगो के पास पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं पायलट
डीजीसीए ने बताया कि इसमें ''रोस्टर की मजबूती, क्रू मेंबर्स की उपलब्धता, पर्याप्त बफर, सिस्टम की मजबूती और एफडीटीएल नियमों के पालन पर खास जोर दिया जा रहा है।'' नियामक ने बताया कि 19 जनवरी को हुई समीक्षा बैठक के दौरान इंडिगो ने 10 फरवरी के बाद की अनुमानित परिचालन आवश्यकताओं के मुकाबले पायलटों की पर्याप्त उपलब्धता के बारे में बताया है। एयरलाइन के आंकड़ों का हवाला देते हुए डीजीसीए ने कहा कि 2280 की जरूरत की तुलना में इंडिगो के पास 2400 'पायलट इन कमांड' (पीआईसी) उपलब्ध हैं और 2050 की जरूरत की तुलना में फर्स्ट ऑफिसर की संख्या 2240 है।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी ने पिछले महीने कैंसिल की थीं 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स
बताते चलें कि पिछले महीने संशोधित एफडीटीएल नियमों को लेकर सही तैयारी न करने की वजह से इंडिगो को क्रू की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा था, जिसकी वजह से एयरलाइन कंपनी को 5000 से भी ज्यादा फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी थीं। इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल करने की वजह से देश भर में लाखों यात्रियों को भीषण समस्याएं हुईं। बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल करने की वजह से डीजीसीए ने 10 फरवरी तक इंडिगो के विंटर प्रोग्राम में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी। इसके अलावा, डीजीसीए ने अभी हाल ही में इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।



































