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"मोदी-योगी को गालियां ना दें, BJP को हराने का ठेका सिर्फ मुस्लिमों का नहीं", मौलाना रजवी ने मुसलमानों से की अपील

 Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Aug 18, 2026 04:09 pm IST,  Updated : Aug 18, 2026 04:09 pm IST

आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने मुसलमानों से अपील की है कि वह बात-बात पर पीएम मोदी और सीएम योगी को गालियां ना दें।

Shahabuddin Razvi- India TV Hindi
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी Image Source : REPORTER INPUT

बरेली: आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने प्रेस को जारी किए गए बयान में मुसलमानों से अपील की है कि पीएम मोदी और सीएम योगी को गालियां ना दें बल्कि अपने अंदर सकारात्मक सोच पैदा करें। भाजपा को हराने का ठेका सिर्फ मुसलमानों ने नहीं लिया है।

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी और क्या बोले?

आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने प्रेस को जारी किए गए बयान में कहा कि आज कल मुसलमानों की आदत बन गई है कि जहां बैठते हैं, वहां योगी और मोदी की नकारात्मक चर्चा शुरू कर देते हैं। मैं तमाम मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि 2017 से लेकर अब तक भाजपा के विरोध की राजनीति करते रहे हैं, मगर अब विरोध की राजनीति खत्म करके सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि इस 10 साल के लम्बे अरसे में समाजवादी पार्टी और नाम नीहाद सैकूलर पार्टियों के कहने और उकसाने पर मुसलमान भाजपा के लिए लामबंद होता रहा है, जिसका सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को मिलता रहा, और वही दूसरी तरफ मुसलमान हाशिए पर चला गया। और सारा नुकसान मुसलमानों को उठाना पड़ रहा है। इसलिए अब मुसलमानों को भी सोचना होगा और अपने नजरिए में बदलाव लाना होगा।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भोले-भाले और सीधे-साधे मुसलमानों को उकसाया और भड़काया: मौलाना

मौलाना ने कहा कि नाम निहाद सैकुलर पार्टियां और खास तौर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भोले भाले और सीधे साधे मुसलमानों को उकसाया और भड़काया। अगर किसी मुसलमान ने अपने बेटे या बेटी की शादी में भाजपा के मंत्री या विधायक को बुला लिया, तो सपा के लोग तूफाने बत्तामीजी खड़ा कर देते हैं, और उसके बायकाट तक का ऐलान कर देते हैं। 

जबकि वहीं दूसरी तरफ मुलायम सिंह यादव ने कल्याण सिंह को मिलाकर सपा की हुकूमत बनाईं, भाजपा पार्टी के आधे लोगों को अपने मंत्री मंडल में शामिल किया, उसी में आजम खां भी मंत्री रहे और उन्होंने इस्तीफा तक नहीं दिया। मुलायम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कई बार प्रधानमंत्री बनने की दुआ की और खुद अखिलेश यादव रात के अंधेरे में भाजपा के लोगों से मिलकर अपना एजेंडा तय करते हैं। इसलिए मुसलमानों, सपा के दो चेहरों को पहचानों।

मौलाना ने आगे कहा कि मैं मुसलमानो से गुजारिश करता हूं कि अब जगह-जगह भाजपा का विरोध करना बंद कर दें, अपने दिल और दिमाग में सकारात्मक सोच पैदा करें। और अपने व अपने परिवार के भविष्य के दिनों के लिए अच्छा सोचें, ताकि नई नस्ल के विकास के लिए कुछ बेहतर अंदाज में खाका खींचा जा सकें। इस 10 साल की नकारात्मक राजनीति ने मुसलमानों को बहुत पीछे ढकेल दिया है। 

मुसलमानों की सिर्फ विरोध की राजनीति ने मुसलमानों के विकास के पहिए को जाम कर दिया। नाम निहाद सैकुलर पार्टियां और समाजवादी पार्टी ने मुसलमानों को भाजपा के खिलाफ उग्र प्रदर्शनों के लिए मजबूर किया, मुसलमान सपा के बेहकावे में आ गया, जिसके नतीजे में लाठियां मुसलमानों ने खाई , जेल मुसलमान गए और सपा के सभी नेता आराम से अपनी सियासी रोटियां सेंकते रहें और फायदे हासिल करते रहे। इसलिए मैं अपने भाईयों से अपील करता हूं कि सियासी लोगों की चालों को समझें और अपने भविष्य पर ध्यान दें।

इससे पहले मौलाना मदनी का बयान भी चर्चा में रहा था। मौलाना मदनी ने वंदे मातरम् बिल पर सवाल उठाते हुए कहा 'मुसलमान सिर्फ एक अल्लाह की इबादत करता है' (रिपोर्ट-विकास साहनी)

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