देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी के पास अब पर्याप्त संख्या में पायलट हैं, ताकि बिना किसी रुकावट के नए फ्लाई ड्यूटी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
शनिवार को जारी एक बयान में डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो के खिलाफ ये कार्रवाई एयरलाइन कंपनी की ऑपरेशनल नाकामियों की समीक्षा के बाद की गई है, जिससे यात्रियों को बड़े पैमाने पर परेशानी हुई थी।
सरकार ने शुक्रवार को इंडिगो को 3, 4 और 5 दिसंबर को प्रभावित यात्रियों के लिए तुरंत मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था।
कोविड महामारी से उबरने के बाद पिछले 2 सालों से भारत में एटीएफ की मांग लगातार बढ़ रही थी। हालांकि, इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से दिसंबर 2025 में ये सिलसिला आखिरकार टूट गया।
विक्रम मेहता ने अपने बयान में कहा, ''हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि हम हर पहलू की जांच करेंगे कि क्या गलत हुआ और हम उससे सीखेंगे।''
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने मंगलवार को दावा किया था कि एयरलाइन ‘‘फिर से पटरी पर आ गई है’’ और इसका संचालन "स्थिर" है।
इंडिगो ने मंगलवार को दावा किया कि एयरलाइन फिर से पटरी पर आ गई है और ऑपरेशन स्थिर हैं, इसके साथ ही वो ग्राहकों की सभी जरूरतों को पूरा कर रही है।
राज्यसभा में सोमवार को नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार ने इंडिगो की बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल किए जाने के संबंध में जांच शुरू कर दी है।
लगातार 7 दिनों से, इंडिगो ने हजारों फ्लाइट्स कैंसिल कीं और बेहिसाब उड़ानों में देरी की, जिससे लाखों यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि एयरलाइन कंपनी ने कुल 9000 बैग में से 4500 बैग यात्रियों को सौंप दिए हैं बाकी बैग भी अगले 36 घंटों में यात्रियों को दे दिए जाएंगे।
सोमवार को बीएसई पर इंडिगो के शेयर भारी गिरावट के साथ 5100.05 रुपये के भाव पर खुले थे। जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, वैसे-वैसे इसमें गिरावट भी बढ़ती चली गई।
इंडिगो के अधिकारियों ने रविवार, 7 दिसंबर की अपनी रिक्वेस्ट में कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का और समय मांगा था।
इंडिगो बीते 6 दिनों में हजारों फ्लाइट्स कैंसिल कर चुका है, जिसकी वजह से लाखों यात्रियों को कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ीं।
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद रेलवे की तरफ से राहत वाली खबर सामने आई है। रेलवे ने 89 विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। इससे यात्रियों को विकल्प मिलेगा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रभावित रूटों के लिए अधिकतम किराये की लिमिट तय कर दी है। सरकार ने एयरलाइन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों से अलग-अलग रूटों के लिए तय किए किराये से ज्यादा किराया नहीं वसूलेंगी।
इंडिगो ने एक कमर्शियल एयरलाइन कंपनी के रूप में साल 2006 में बिजनेस शुरू किया था। राहुल भाटिया इंटरग्लोब एविएशन में ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।
मंत्रालय ने साफ किया है कि रिफंड प्रोसेसिंग में किसी भी तरह की देरी करने पर या नियमों का पालन न करने पर तुरंत रेगुलेटरी एक्शन लिया जाएगा।
इंडिगो के संकट का आज पांचवां दिन (शनिवार) है और हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते दिख रहे हैं। तिरुवनंतपुरम, अहमदाबाद और कई अन्य शहरों से आज भी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गईं, जिससे यात्रियों की परेशानियां चरम पर पहुंच गई हैं। एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल है।
IndiGo बीते कुछ दिनों से जिस भारी अव्यवस्था से जूझ रही है, उसने हजारों यात्रियों का सफर बिगाड़ दिया है। एयरपोर्ट पर लंबी कतारें, कैंसिल फ्लाइट्स, आसमान छूते टिकट दाम… यह तस्वीर पूरे देश में दिख रही है।
IndiGo के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने कहा कि इस स्थिति के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कंपनी का पूरा ध्यान इस बात पर है कि वह कैसे प्रतिक्रिया देती है और यात्रियों की परेशानी को कम करती है।
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