भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने इस महीने की शुरुआत से भयावह परिचालन संकट का सामना किया, जिसकी वजह से कंपनी का हजारों फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी। इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में कैंसिल की गईं फ्लाइट्स का सीधा असर सिर्फ यात्रियों और एयरलाइन कंपनी पर ही नहीं बल्कि एटीएफ की बिक्री पर भी पड़ा। इंडिगो की हजारों फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से दिसंबर के शुरुआती 15 दिनों में एटीएफ (विमान ईंधन) की बिक्री में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को ऑयल इंडस्ट्री के शुरुआती आंकड़ों से ये जानकारी मिली।
कोविड के बाद पहली बार घटी एटीएफ की बिक्री
बताते चलें कि कोविड महामारी के दौरान बड़ी संख्या में विमानों को प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि, महामारी से उबरने के बाद पिछले 2 सालों से भारत में एटीएफ की मांग लगातार बढ़ रही थी। हालांकि, इंडिगो द्वारा बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से दिसंबर 2025 में ये सिलसिला आखिरकार टूट गया। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो डीजीसीए द्वारा बनाए गए नए नियमों का पालन करने में पूरी तरह से फेल रही, जिसकी वजह से कंपनी को पायलट और बाकी क्रू की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। स्टाफ की भारी किल्लत की वजह से इंडिगो ने 2 दिसंबर से 10 दिसंबर तक सिर्फ 9 दिनों में ही 5000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी थी।
मासिक आधार पर एटीएफ की बिक्री में 7.2% की गिरावट
एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की बिक्री 1-15 दिसंबर तक 3,31,400 टन रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये आंकड़ा 3,45,400 टन था। मासिक आधार पर बिक्री में 7.2 प्रतिशत की गिरावट आई। इस दौरान, एटीएफ के उलट पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे अन्य प्रमुख फ्यूल की बिक्री में उछाल देखने को मिला। डीजल की बिक्री सालाना आधार पर लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 33 लाख टन हो गई। अक्टूबर के मुकाबले, नवंबर में त्योहारी मांग कम होने की वजह से डीजल की बिक्री मासिक आधार पर 5.5% कम हुई। उधर, पेट्रोल की बिक्री भी सालाना आधार पर 7.7 प्रतिशत बढ़कर 13.3 लाख टन रही। जबकि, मासिक आधार पर इसमें 5.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।



































