मीठी चीजों का खाने से हमारा टेस्ट बड्स अच्छा होता है। सुबह की चाय से लेकर पैक्ड फूड्स तक, लोग भारी मात्रा में चीनी का सेवन कर लेते हैं। लेकिन यही चीनी शरीर के लिए ज़हर से कम नहीं है, इसका सेवन कई गंभीर बीमारियों की वजह है। चीनी डायबिटीज से लेकर फैटी लिवर, मोटापा, लो एनर्जी तक एक साइलेंट किलर बन चुका है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वात्स्य अपने यू ट्यूब पेज पर वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि अगर सिर्फ आप 14 दिनों तक चीनी का सेवन नहीं करते हैं तो आपके शरीर में कौन से बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
शुरू के तीन दिन हो सकते हैं आपके लिए मुश्किल
डॉक्टर शुभम वात्स्य कहते हैं कि जब आप शुगर का सेवन बंद करते हैं तो आपको शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस वजह से क्रेविंग, सिरदर्द, लो मूड, थकान और बार बार कुछ मीठा खाने का मन कर सकता है इसलिए शुरू के दो या तीन दिन में आपकी एनर्जी डाउन हो सकती हैं। हालांकि, कुछ लोगों का वाटर वेट कम हो सकता है इसलिए वे लोग हल्का भी फील करते हैं। शुरू के एक दो दिन में आपको शुगर की क्रेविंग को तोड़ने के लिए ज़रूरी है कि अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। पानी की मात्रा बढ़ाएं और फल का इस्तेमाल करें जूस के रूप में नहीं। ये तीन आपके लिए मुश्किल हो सकते हैं लेकिन इन तीन दिनों में अगर आपने शुगर का सेवन किसी भी फॉर्म में नहीं किया तो आगे आपके लिए राहें आसान होंगी।
चौथे दिन से मेटाबॉलिज़्म होने लगता है बेहतर
अगर अपने तीन दिन तक शुगर की क्रेविंग को रोक लिया तो चौथे और पांचवे दिन से आपके मेटाबॉलिज़्म में कुछ बदलाव दिख सकते हैं। जब आपके शरीर को शुगर नहीं मिलता है तो ब्लड ग्लूकोज और इन्सुलिन के फ्रीक्वेन्स स्पाइक कम होने लगते हैं। इस दिन से आपको मीठा खाने की क्रेविंग कम होने लगती है। शुगर का सेवन कम करने के बाद, बहुत ज़्यादा मीठा खाने का मन कम हो जाता है। इस स्टेज पर अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैस्ट का सेवन करते हैं तो शुगर की क्रेविंग और भी कम हो जाती है। लेकिन अगर आप चाय, बिस्किट या नमकीन ब्रेकफास्ट या स्नैक्स में लेने लेंगे तो वापस शुगर क्रेविंग होने लगेगी।
आठवें दिन से दिखता है असली बदलाव:
इस फेज में आपको शुगर की क्रेविंग नहीं महसूस होगी। पहले हफ्ते में शरीर मीठे की आदत से लड़ता है। लेकिन दूसरे सप्ताह तक ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर स्थिर होने लगता है, दिमाग के डोपामाइन सिग्नल री-कैलिब्रेट हो जाते हैं।
कुल मिलाकर आप इन 14 दिनों में फ्रूट जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, बिस्किट, केक, चाय और पैकेट स्नैक्स का सेवन बिल्कुल न करें। हां , आप फलों का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इसमें फाइबर, मिनिरल्स और विटामिन पाए जाते हैं. डॉक्टर यह कहते हैं कि ये चौदह दिन का यह चैलेंज आपके लिए वेट लॉस चैलेंज नहीं है बल्कि पूरी तरह से नो शुगर चैलेंज है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)