देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो में परिचालन संकट का आज लगातार 9वां दिन है। इंडिगो ने बुधवार को 220 से भी ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं। इंडिगो ने आज दिल्ली और मुंबई समेत देश के तीन प्रमुख हवाई अड्डों से ऑपरेट की जाने वाली लगभग 220 फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं। बताते चलें कि कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स ने मंगलवार को ही दावा किया था कि एयरलाइन का फ्लाइट ऑपरेशन्स फिर से पटरी पर आ गया है। पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, बुधवार को इंडिगो ने दिल्ली से 137, मुंबई से 21 फ्लाइट्स कैंसिल कीं। इनके अलावा, इंडिगो ने बेंगलुरू से भी 61 उड़ानें रद्द कर दीं, जिनमें 35 आगमन और 26 प्रस्थान उड़ानें शामिल हैं।
5000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर चुका है इंडिगो
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने मंगलवार को दावा किया था कि एयरलाइन ‘‘फिर से पटरी पर आ गई है’’ और इसका संचालन "स्थिर" है, जबकि सरकार ने इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 प्रतिशत या प्रतिदिन स्वीकृत लगभग 2200 उड़ानों में से लगभग 220 उड़ानों की कटौती की है। इंडिगो ने मंगलवार को भी 460 उड़ानें रद्द कर दी थीं। एल्बर्स ने मंगलवार को ये भी कहा था कि लाखों ग्राहकों को उनके टिकट का पूरा रिफंड दे दिया है। बताते चलें कि सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त योजना बनाने में विफल रहने के बाद इंडिगो इस महीने की 2 तारीख से शुरू हुए भयावह परिचालन संकट की वजह से अभी तक 5000 से भी ज्यादा फ्लाइट कैंसिल कर चुका है, जिसकी वजह से लाखों यात्रियों को भयानक दिक्कतों का सामान करना पड़ा।
यात्रियों को मुआवजा देना कानूनी रूप से अनिवार्य
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के यात्री चार्टर के मुताबिक, अगर कोई एयरलाइन कंपनी प्रस्थान से कम से कम दो हफ्ते पहले यात्री को उसकी उड़ान रद्द होने की सूचना देने में विफल रहती है तो ऐसी परिस्थितियों में मुआवजा देना कानूनी रूप से अनिवार्य है और इसकी राशि उड़ान की अवधि पर निर्भर करती है। कई दिनों तक परिचालन संकट जारी रहने के बाद सरकार ने इंडिगो के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से एक्शन लेना शुरू किया। यात्रियों को जल्द से जल्द पूरा रिफंड करने के साथ-साथ हवाई किराये की सीमा तय कर दी गई, ताकि दूसरी एयरलाइन कंपनियां मनमाने तरीके से किराया न वसूलें। डीजीसीए ने इस पूरे संकट के लिए इंडिगो के सीईओ और सीओओ को जिम्मेदार मानते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।



































