ब्रसेल्स: यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वह इस सप्ताह अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन में युद्ध को लेकर होने वाली अहम बैठक में उनके सुरक्षा हितों की रक्षा करें। यूरोपीय देश इस शुक्रवार होने वाली बैठक में अपनी भूमिका सुनिश्चित करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इस बैठक से बाहर रखा गया है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन इसमें शामिल होगा या नहीं।
ट्रंप ने कही है ये बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह देखना चाहते हैं कि पुतिन युद्ध खत्म करने को लेकर गंभीर हैं या नहीं। यह युद्ध अब चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। हालांकि, ट्रंप ने यह कहकर यूरोप में अमेरिकी सहयोगियों को निराश किया है, कि यूक्रेन को रूस के कब्जे वाले कुछ क्षेत्रों को छोड़ना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रूस को भूमि अदला-बदली भी स्वीकार करनी होगी।
यूरोपीय संघ को है इस बात का डर
यूरोपीय संघ और यूक्रेन को आशंका है कि 1945 के बाद से यूरोप में सबसे बड़ा भूमि युद्ध छेड़ने वाले पुतिन कहीं अनुकूल रियायतें हासिल ना कर लें और यूक्रेन या यूरोप की भागीदारी के बिना शांति समझौते की रूपरेखा तय ना कर दें। यूरोपीय संघ के नेताओं ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘हम राष्ट्रपति ट्रंप के यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को समाप्त करने के प्रयासों का स्वागत करते हैं, लेकिन यूक्रेन में शांति का मार्ग यूक्रेन को शामिल किए बिना तय नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘‘स्थायी और न्यायपूर्ण शांति अंतरराष्ट्रीय कानून, स्वतंत्रता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सीमाओं को बलपूर्वक न बदलने के सिद्धांतों का पालन करती हो।’’
जेलेंस्की ने साफ कर दिया है रुख
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने जमीन देने के बदले में युद्धविराम स्वीकार करने से इनकार किया है। वर्तमान में रूस, यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर अस्थिर नियंत्रण बनाए हुए है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच वार्ता से क्या कुछ निकलकर सामने आता है यह जल्द ही दुनिया के सामने होगा। (एपी)
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