Chaitra Navratri 2026: स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन की जाती है। भगवान कार्तिकेय की माता होने के कारण मां के इस रूप को स्कंदमाता कहा जाता है। माता धन-धान्य, सुख-शांति और संतान सुख प्रदान करने वाली हैं। नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा के साथ ही आप कुछ मंत्रों का जप करने से भी आप माता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में।
स्कंदमाता को प्रसन्न करने के लिए मंत्र
1. ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः।
नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा के दौरान आपको इस मंत्र का जप भी अवश्य करना चाहिए। यह माता का बीज मंत्र है और इसके जप से आपको मानसिक शांति का अनुभव होता है।
2. या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
यह स्कंदमाता का स्तुति मंत्र है। इसका निरंतर जप करने से माता की कृपा दृष्टि आपको प्राप्त होती है। इस मंत्र के जप करने से माता प्रसन्न होती हैं और आपकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। साथ ही संतान सुख की चाहता रखने वालों की इच्छा भी पूरी होती है।
3. ॐ ह्रीं सहा स्कंदमात्र्यै नमः।
इस मंत्र का जप उन लोगों को करना चाहिए जो मानसिक और शारीरिक शक्ति की कामना करते हैं। इस मंत्र का जप करने से बौद्धिक विकास होता है। विद्यार्थियों के लिए इस मंत्र का जप करना बेहद शुभ साबित हो सकता है।
4. सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी।
यह स्कंदमाता का ध्यान मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से माता आपके जीवन की सभी दुख-विपदाओं को दूर करती हैं। इस मंत्र का जप करने से आपको धन-धान्य और संतान सुख की प्राप्ति भी हो सकती है।
5. सिहासनगता नित्यं पद्माश्रित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कंद माता यशस्विनी॥
यह माता का प्रार्थना मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से माता आपके जीवन में सुख-शांति लाती हैं। इस मंत्र का जप करते हुए माता को सफेद फूल चढ़ाने से आपके जीवन की सभी समस्याओं का हल आपको प्राप्त हो सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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