Maa Saraswati Ki Murti Vastu: घर में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करना ज्ञान, बुद्धि और कला के विकास का प्रतीक माना जाता है। कई लोग पढ़ाई, करियर और बौद्धिक प्रगति के लिए मां सरस्वती की पूजा करते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि मूर्ति सही दिशा और उचित मुद्रा में रखी जाए तो इसका सकारात्मक प्रभाव घर के वातावरण और व्यक्ति के जीवन पर देखा जा सकता है।
मां सरस्वती की मूर्ति के लिए सही दिशा
वास्तु के अनुसार, मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने के लिए पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। इस दिशा को उगते सूर्य की दिशा माना जाता है, जो नई ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक है। इस दिशा में मूर्ति रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और पढ़ाई या बौद्धिक कार्यों में एकाग्रता बढ़ने की मान्यता है।
उत्तर-पूर्व दिशा
पूर्व दिशा के अलावा उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण भी मूर्ति स्थापना के लिए उत्तम माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति रखने से ज्ञान, समृद्धि और नए अवसरों का मार्ग खुल सकता है। यह दिशा घर में आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उत्तर दिशा में रखने के लाभ
घर की उत्तर दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने से सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है। इससे घर का वातावरण शांत और संतुलित बना रहता है। कई लोग मानते हैं कि इस दिशा में मूर्ति रखने से पढ़ाई और करियर से जुड़े प्रयासों में भी मदद मिल सकती है।
मूर्ति की मुद्रा का रखें विशेष ध्यान
मां सरस्वती की मूर्ति कमल के फूल पर बैठी हुई होना शुभ माना जाता है। यह मुद्रा ज्ञान, एकाग्रता और बुद्धिमत्ता का प्रतीक मानी जाती है। इसके साथ ही मूर्ति के चेहरे पर प्रसन्नता का भाव होना चाहिए, क्योंकि सकारात्मक भाव वाली प्रतिमा घर में अच्छी ऊर्जा के संचार से जुड़ी मानी जाती है।
ऐसी मूर्ति मानी जाती है शुभ
मां सरस्वती के हाथों में वीणा का होना संगीत, कला और रचनात्मकता का प्रतीक है। वहीं अन्य हाथों में पुस्तक या शास्त्र का होना शिक्षा और ज्ञान के महत्व को दर्शाता है। ऐसी मूर्ति घर में स्थापित करने से पढ़ाई, कला और बौद्धिक गतिविधियों में प्रगति की मान्यता बताई जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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