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नहाय-खाय से लेकर व्रत और पारण की तिथि, नोट कर लीजिए जितिया की सही तारीख और शुभ मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Sep 29, 2026 04:35 pm IST,  Updated : Sep 29, 2026 04:39 pm IST

जितिया का व्रत बहुत ही कठिन माना जाता है। इसमें व्रती महिलाएं अन्न तो दूर जल की एक बूंद भी ग्रहण नहीं करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि जितिया का व्रत करने से संतान दीर्घायु और निरोगी रहते हैं। जितिया का पर्व नहाय-खाय से आरंभ और पारण के दिन संपन्न होता है।

जितिया व्रत 2026- India TV Hindi
जितिया व्रत 2026 Image Source : INDIA TV

हर साल आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जितिया या जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए पूरे दिन और पूरी रात निर्जला उपवास रखती हैं। जितिया का व्रत स्त्रियों की तपस्या, मातृत्व प्रेम एवं निष्ठा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जितिया  का व्रत रखने और विधि विधान के साथ पूजा, नियमों का पालन करने से संतान दीर्घायु, निरोगी और तेजस्वी होती है। इसके साथ ही संतान का सभी तरह की सुख-संपन्नता की भी प्राप्ति होती है। तो यहां जानिए कि इस साल जितिया का नहाय खाय, व्रत और पारण कब किया जाएगा। साथ ही जानेंगे पूजा का शुभ मुहूर्त के बारे में। 

जितिया व्रत 2026 की मुख्य तिथियां

जितिया का पर्व तीन दिनों का होता है जो नहाय खाय से शुरू होकर पारण के साथ संपन्न होता है। तो यहां जानिए जितिया पर्व की प्रमुख तिथियां।

  1. पहला दिन दिन- नहाय खाय- 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार

  2. दूसरा दिन- निर्जला व्रत- 3 अक्टूबर 2026, शनिवार

  3. तीसरा दिन- जितिया व्रत का पारण- 4 अक्टूबर 2026, रविवार

जितिया का नहाय-खाय

जितिया का व्रत रखने वाली महिलाएं इस दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि करती हैं और पूजा के बाद भोजन ग्रहण करती हैं। जितिया नहाय-खाय वाले दिन झिंगनी (तोरी), नोनी का साग, मडुआ की रोटी खासतौर से खाया जाता है। इसके बाद नहाय खाय की रात यानी 3 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त से पहले व्रत रखने वाली माताएं ओठगन करती हैं। इसके बाद से ही जितिया का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है।

जितिया नहाय-खाय 2026
Image Source : INDIA TVजितिया नहाय-खाय 2026

जितिया व्रत (जीवित्पुत्रिका व्रत) 2026 डेट

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 3 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर होगा। अष्टमी तिथि का समापन 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, इस साल जितिया का व्रत 3 अक्टूबर 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा। वहीं बता दें कि जितिया का व्रत नियम और निष्ठा के साथ किया जाता है। जितिया व्रत में राजा जीमूतवाहन और  चील-सियारिन की कथा सुनने व पूजा करने का भी विधान है।

जितिया व्रत 2026 शुभ मुहूर्त

3 अक्टूबर 2026 को जितिया व्रत की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 53 मिनट से सुबह 5 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। प्रात:संध्या मुहूर्त सुबह 5 बजकर 17 मिनट से सुबह 6 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त का आरंभ दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर और समाप्त दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर होगा।

जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत 2026 का पारण किस समय किया जाएगा?

जितिया व्रत में पारण तिथि का विशेष महत्व होता है। इस व्रत का पारण शुभ मुहूर्त में ही किया जाता है। जितिया व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाएगा। व्रती महिलाएं 4 अक्टूबर 2026 सुबह 6 बजकर 15 मिनट के बाद अपना व्रत खोल सकती हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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