Baloch Liberation Army: अमेरिका ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पर की गई यह कार्रवाई आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए ट्रंप प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। संगठन को आतंकवादी घोषित करना आतंक के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आतंकवादी गतिविधियों के समर्थन को कम करने का एक प्रभावी तरीका है। यह तो हुई अमेरिका की बात लेकिन ऐसे में यहां पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के बारे में जानना अहम हो जाता है। चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के बारे में जानें
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय एक सशस्त्र संगठन है, जिसका मकसद बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाना है। यह संगठन बलूच राष्ट्रवाद की विचारधारा से प्रेरित है और अक्सर पाकिस्तान सरकार व सेना के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष करता है। BLA की जड़ें 1970 के दशक में बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़ी मानी जाती हैं। हालांकि, इसे औपचारिक रूप से 2000 के शुरुआती दशक में सक्रिय और संगठित रूप में पहचाना गया। संगठन का दावा है कि पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण किया है और वहां के लोगों को राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से हाशिये पर रखा है।
क्या रहा है परवेज मुशर्रफ का किरदार?
पाकिस्तान की कुल भूमि का 43 प्रतिशत हिस्सा बलूचिस्तान में है लेकिन यहां के लोगों को हमेशा ही अधिकारों से वंचित रखा गया है। कई लोग बलूचिस्तान में हालात खराब होने के लिए दिवंगत लेफ्टिनेंट जनरल परवेज मुशर्रफ को दोषी ठहराते हैं। जब 2005 में मुशर्रफ सत्ता में थे, तब एक महिला डॉक्टर शाजिया बलूच के साथ सुई इलाके में उस समय कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था जब वह अपने पति के साथ काम कर रही थी। कार्रवाई करने की मांग को लेकर बढ़ते विरोध के बावजूद, मुशर्रफ ने कहा था कि पूरी घटना पाकिस्तान की सेना को शर्मसार करने के लिए गढ़ी गई है। इतना ही नहीं कबायली नेता नवाब अकबर खान बुगती और उनके सहयोगियों को अगस्त 2006 में मार दिया गया था। बुगती ने सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विद्रोह का नेतृत्व किया था।
BLA ने किया पाकिस्तानी सेना की नाक में दम
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का अस्तित्व पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति, क्षेत्रीय असमानताओं और संसाधन संघर्ष साफ दिखाता है। एक ओर जहां यह बलूच राष्ट्रवाद का प्रतीक माना जाता है, वहीं इसकी हिंसक गतिविधियां इसे आतंकवाद के दायरे में लाती हैं। विवाद का स्थायी समाधान कैसे होगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन फिलहाल बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना की नाक में दम कर रखा है और लगातार हमले कर रही है।
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