कानपुर: यूपी के कानपुर में सांडों का आतंक जारी है और इनकी वजह से आम लोगों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो रहा है। हालात ये हैं कि इन आवारा सांडों के सामने पुलिसकर्मी भी लाचार हैं और वह खुद सांडों का शिकार बन रहे हैं।
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ताजा मामला ये है कि एक मामले की जांच-पड़ताल करने पहुंचे एक पुलिसकर्मी को सांड ने पटक दिया है। ये पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई है, जिसमें सांड द्वारा पुलिसकर्मी को जमीन पर गिराते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो के सामने आने के बाद ये बहस तेज हो गई है कि सांडों के आतंक से शहर को मुक्त करने के लिए प्रशासन क्या कदम उठा रहा है और जनता को कब तक राहत मिलेगी।
अखिलेश यादव ने सांड मामले पर ली चुटकी
आज ही यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर सांडों के आतंक को लेकर चुटकी ली और एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में भी सांड द्वारा एक व्यक्ति को पटकते हुए देखा गया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा था, "स्पष्टीकरण: एआई जेनरेटेड नहीं है। बाकी सरकार स्वयं देख ले, उसे कुछ करना है या 14 दिनों में छुट्टा पशुओं की समस्या से मुक्ति दिलवाने का अपना ‘जुमला’, जाले हटाकर, झाड़ पोंछकर फिर से दोहराना है।"
इस तरह के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। सांडों के हमलों में कई मौकों पर लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। इसके बावजूद सांडों को सड़कों से हटाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव सांडों को लेकर पहले भी योगी सरकार पर निशाना साध चुके हैं। अखिलेश ने यूपी विधानसभा में कई सत्रों में सांडों का जिक्र किया और कहा था कि सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस से ज्यादा सांड दिखाई देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि "यूपी में सांड सफारी बना लो, किसने रोका है? सांड-राज का अंत होना चाहिए।" (इनपुट: कानपुर से ज्ञानेंद्र शुक्ला)