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Video: रेस में इनाम जीतकर कुएं में गिरी बैलगाड़ी, किसान ने कूदकर बचाई जान, बैलों को रेस्क्यू किया

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Feb 16, 2026 10:35 am IST,  Updated : Feb 16, 2026 10:35 am IST

रेल में दूसरा स्थान हासिल करने वाली बैलगाड़ी को आगे रुकना था, लेकिन रस्सी टूटने की वजह से बैलगाड़ी नहीं रुकी। किसान तो नीचे कूद गया, लेकिन बैल और बैलगाड़ी कुएं में समा गए।

Bullock kart Accident- India TV Hindi
रेस के बाद हादसे का शिकार हुई बैलगाड़ी Image Source : REPORTER INPUT

मध्यप्रदेश के खंडवा में बैलगाड़ी रेस के दौरान एक गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। इसी बैलगाड़ी ने दूसरा स्थान पाया और 31 हजार रूपए का इनाम जीता, लेकिन अगले ही पल हादसे का शिकार हो गई। छकड़ा रेस यानी बैलगाड़ी दौड़ पूरी करने के बाद बैलगाड़ी के पहिये थमने वाले थे कि रस्सी टूट गई और वह अनियंत्रित होकर एक कुएं में जा गिरी। गनीमत रही कि बैलगाड़ी हांक रहे किसान ने कूदकर जान बचा ली। वहीं कुएं में गिरे बैलों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बैलगाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह मामला खंडवा जिले के आदिवासी बाहुल्य खालवा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा का है। जहां जोगीबाबा मेले के आयोजन के दौरान शनिवार को छकड़ा रेस (बैलगाड़ी दौड़) का आयोजन किया गया। समिति ने इस दौड़ के लिए 3100 रूपए की एंट्री फीस तय की थी।

दोनों बैलों को सुरक्षित बचाया

इस रेस में 7 तरह के पुरस्कार दिए गए। दौड़ के दौरान भीलखेड़ी गांव की एक बैलगाड़ी ने दूसरा स्थान पाया। उसने 31 हजार रुपए का इनाम जीता और फिर बैलगाड़ी आगे जाकर एक कुएं में गिर गई। ग्रामीणों ने रस्से की मदद से दोनों बैलों को खींचा और सुरक्षित बाहर निकाला। किसान ने पहले ही कूदकर खुद को सुरक्षित कर लिया था।

51 हजार रुपए था पहला इनाम

बोरखेड़ा वनग्राम में जनसहयोग से जोगी बाबा का मेला लगता है। इस मेले में बैलगाड़ी दौड़ के अलावा गम्मत और लोककला आधारित कई कार्यक्रम में होते हैं। इनमें से शनिवार को बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन था। दौड़ खत्म हो रही थी कि इसी दौरान अंतिम रेखा पार कर चुकी भीलखेड़ी गांव की बैलगाड़ी ने दूसरा स्थान पाया और इतने में उस बैलगाड़ी का रस्सा टूट गया। जिससे कि किसान का बैलों से नियंत्रण हट गया। किसान तो संभल गया और उसी समय बैलगाड़ी से कूद गया। अनियंत्रित होकर बैलगाड़ी कुएं में गिर गई। कुआं ज्यादा गहरा नहीं था। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। आयोजन में 7 तरह के पुरूस्कार थे, इनमें पहला पुरस्कार 51 हजार, दूसरा 31 हजार रुपए, तीसरा 21 हजार रुपए था। वहीं बाकी सांत्वना पुरस्कार थे।

(खंडवा से प्रतीक मिश्रा की रिपोर्ट)

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