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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंद्रे बेलौसोव के बीच हुई बड़ी बैठक, रूस देने जा रहा भारत को कई अभेद्य हथियार

भारत-रूस में यह वार्ता पुतिन की 2 दिवसीय भारत यात्रा के बीच हो रही है, जो भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि एस-400 एवं एसयू-57 जैसे सौदे भारत की सैन्य आधुनिकीकरण को गति देंगे, जो चीन एवं पाकिस्तान के सामने बड़ी चुनौती पेश करेंगे।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Dec 04, 2025 11:05 pm IST, Updated : Dec 04, 2025 11:07 pm IST
 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव - India TV Hindi
Image Source : PTI रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव

नई दिल्लीः भारत और रूस के बीच बड़ी रक्षा डील होने के संकेत मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और रूसी समकक्ष  आंद्रे बेलौसोव के बीच एक मैराथन बैठक हुई। इस दौरान रूस ने भारत की रक्षा ताकत बढ़ाने के लिए कई अभेद्य हथियार देने का संकेत दिया। भारत और रूस के बीच होने वाली यह डील चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के लिए चिंता का सबब हो सकती है। 

भारत और रूस के बीच क्या हुई रक्षा डील

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष आंद्रेई बेलौसोव के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण बैठक में दोनों पक्षों ने समग्र रक्षा एवं रणनीतिक संबंधों को सशक्त बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। यह बैठक 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले आयोजित हुई। इस दौरान भारत ने रूसी पक्ष को सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइल प्रणालियों के अतिरिक्त बैच खरीदने की इच्छा से अवगत कराया। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ये प्रणालियां अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुईं थीं, जहां एस-400 ने पाकिस्तानी ड्रोनों, मिसाइलों एवं लड़ाकू विमानों को नष्ट कर उसे घुटनों पर ला दिया था। अब इसके अलावा भारत रूस से एस-500 मिसाइल प्रणालियों की खरीद को लेकर भी अपनी इच्छा जाहिरक की है। यह बैलिस्टिक मिसाइलों को 600 किलोमीटर और हवाई लक्ष्यों को 400 किलोमीटर दूर से नष्ट कर सकती है। 

भारत को मिल सकता है 5वीं पीढ़ी का सुखोई-57 विमान

बैठक में रूसी पक्ष ने भारत को एसयू-57 लड़ाकू विमानों देने की पेशकश है। इस डील में भारत को पूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं भारत में ही उत्पादन शामिल है। यह पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर है, जो अमेरिकी एफ-35 का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। दुबई एयर शो 2025 के दौरान रोस्टेक के सीईओ सर्गेई चेमेज़ोव ने कहा कि रूस भारत की सभी मांगों को स्वीकार करने को तैयार है, जिसमें इंजन, रडार, एआई एवं स्टील्थ तकनीक का हस्तांतरण शामिल है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में उत्पादन 2025 से शुरू हो सकता है। बेलौसोव ने कहा कि रूसी रक्षा उद्योग भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पूर्ण सहयोग देने को तत्पर है। 

भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी

रूस के साथ इस बड़ी रक्षा साझेदारी के बाद भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। अब भारतीय सेना के खेमे में पहले से ज्यादा एस-400, अत्याधुनिक एस-500 और पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट सुखोई-57 शामिल होगा, जो दुश्मनों के छक्के छुड़ा देने में माहिर है। राजनाथ सिंह और  आंद्रेई बेलौसोव के बीच यह बैठक भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-एम एंड एमटीसी) के 22वें सत्र के तहत मनेकशॉ सेंटर में हुई। इससे पहले दोनों मंत्रियों ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। 

इससे पहले रूस ने हाल ही में रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट (आरईएलओएस) समझौते को मंजूरी दी है, जो सैन्य अभ्यासों एवं आपदा राहत में सहयोग बढ़ाएगा। शुक्रवार को मोदी-पुतिन शिखर सम्मेलन में ब्रह्मोस मिसाइल के उन्नत संस्करणों, जहाज निर्माण एवं नागरिक परमाणु सहयोग पर हस्ताक्षर की उम्मीद है। यह साझेदारी वैश्विक पावर गतिशीलता में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करेगी। (PTI)

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