कब्ज की समस्या तब वाकई परेशान करने लगती है, जब पेट साफ़ न होने की आदत रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करने लगे। कभी-कभार पाचन धीमा होना सामान्य है, लेकिन अगर बॉवेल मूवमेंट लगातार अनियमित या अधूरा रहे, तो यह साफ़ संकेत है कि आपकी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव की ज़रूरत है। रोज़मर्रा में खाई जाने वाली कुछ आम चीज़ें नेचुरल लैक्सेटिव की तरह काम करती हैं और पाचन को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट और सर्टिफाइड नेशनल डायबिटीज एजुकेटर दीपशिखा जैन ने अपने एक इंस्टाग्राम वीडियो में ऐसे ही चार फूड्स बताए हैं, जो कब्ज से राहत दिलाने और बॉवेल मूवमेंट को रेगुलर करने में मदद कर सकते हैं।
कब्ज से छुटकारा पाने के लिए इन चीजों का करें सेवन
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काले आलूबुखारे: रात भर भिगोए हुए चार से पांच काले आलूबुखारे कब्ज में बेहद फायदेमंद हैं। इनमें सॉर्बिटोल होता है, जो एक नेचुरल कंपाउंड है जो लैक्सेटिव के रूप में काम करता है और बॉवेल मूवमेंट में मदद करता है।
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सब्जियां: रोज़ाना कम से कम दो से तीन सर्विंग सब्जियां खाएं। सब्जियों में मौजूद फाइबर बॉवेल मूवमेंट को स्टिमुलेट करने में मदद करता है। सब्जियों में मौजूद उच्च फाइबर (घुलनशील और अघुलनशील) मल को नरम बनाता है और उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज कर कब्ज से राहत दिलाता है।
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ब्लैक कॉफी: न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, ब्लैक कॉफी कैफीन और अन्य यौगिकों के माध्यम से कोलन (बड़ी आंत) की मांसपेशियों में सिकुड़न को स्टिमुलेट करती है। यह गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स को सक्रिय करके मल को मलाशय की ओर धकेलती है, जिससे सुबह के समय पेट साफ करने और कब्ज से राहत पाने में मदद मिलती है।
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ड्रैगन फ्रूट या हरा कीवी: दीपशिखा बताती हैं कि ड्रैगन फ्रूट और हरे कीवी दोनों में फाइबर और पानी भरपूर मात्रा में होता है, जो मल में बल्क जोड़ते हैं और रेगुलर बॉवेल मूवमेंट को बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे कब्ज में आराम मिलता है। ड्रैगन फ्रूट या हरा कीवी क्योंकि दोनों में फाइबर बहुत ज़्यादा होता है। इसमें बहुत ज़्यादा हाइड्रेशन और पानी भी होता है जो असल में भारी मल बना सकता है और इस तरह कब्ज को ठीक कर सकता है।
अगर ऊपर बताए गए नैचुरल तरीकों से कब्ज़ में आराम नहीं मिलता है, तो यह कुछ अंदरूनी समस्याओं का संकेत हो सकता है, जैसे मिनरल की कमी या थायराइड से जुड़ी दिक्कतें, जिनके लिए मेडिकल मदद की ज़रूरत होती है।