Shri Tulsi Stuti: एकादशी तिथि पर माता तुलसी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन तुलसी माता को छूना और तुलसी पर जल चढ़ाने की तो मनाही होती है लेकिन तुलसी के निकट दीपक जलाकर आपको श्री तुलसी स्तुति का पाठ कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी तिथि पर माता तुलसी की स्तुति करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसके साथ ही तुलसी स्तुति करने से घर के लोगों को आरोग्य की प्राप्ति भी होती है। इसलिए हर एकादशी के दिन आप स्नान-ध्यान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर तुलसी माता के सामने घी का दीपक जला सकते हैं और माता की स्तुति कर सकते हैं। तुलसी स्तुति का पाठ करने से आपको मानसिक शांति भी प्राप्ति होती है और साथ ही आप आध्यात्मिक क्षेत्र में भी आगे बढ़ते हैं।
श्री तुलसी स्तुति
तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे ।
नमस्ते नारदनुते नारायणमनःप्रिये ॥ 1॥
मनः प्रसादजननि सुखसौभाग्यदायिनि ।
आधिव्याधिहरे देवि तुलसि त्वां नमाम्यहम् ॥ 2॥
यन्मूले सर्वतीर्थानि यन्मध्ये सर्वदेवताः ।
यदग्रे सर्व वेदाश्च तुलसि त्वां नमाम्यहम् ॥ 3॥
अमृतां सर्वकल्याणीं शोकसन्तापनाशिनीम् ।
आधिव्याधिहरीं नॄणां तुलसि त्वां नमाम्यहम् ॥ 4॥
देवैस्त्चं निर्मिता पूर्वं अर्चितासि मुनीश्वरैः ।
नमो नमस्ते तुलसि पापं हर हरिप्रिये ॥ 5॥
सौभाग्यं सन्ततिं देवि धनं धान्यं च सर्वदा ।
आरोग्यं शोकशमनं कुरु मे माधवप्रिये ॥ 6॥
तुलसी पातु मां नित्यं सर्वापद्भयोऽपि सर्वदा ।
कीर्तिताऽपि स्मृता वाऽपि पवित्रयति मानवम् ॥ 7॥
या दृष्टा निखिलाघसङ्घशमनी स्पृष्टा वपुःपावनी
रोगाणामभिवन्दिता निरसनी सिक्ताऽन्तकत्रासिनी ।
प्रत्यासत्तिविधायिनी भगवतः कृष्णस्य संरोपिता
न्यस्ता तच्चरणे विमुक्तिफलदा तस्यै तुलस्यै नमः ॥ 8॥
॥ इति श्री तुलसीस्तुतिः ॥
कब करें स्तुति?
तुलसी स्तुति के लिए सबसे शुभ समय सूर्योदय का माना जाता है। इस समय आप सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहते हैं और साथ ही मन भी इस दौरान स्थिर रहता है। इसलिए सूर्योदय के समय ही मां तुलसी की स्तुति करनी चाहिए और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करनी चाहिए।
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