कोलकाता: प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "अजित पवार, शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे। प्लेन हादसे की जांच कराई जाए। एजेंसियां बिकी हुई हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो।"
ममता बनर्जी ने कहा, "कुछ दिनों में अजित पावर अपने पुराने गुट में लौटने वाले थे। उससे पहले ही यह दुर्घटना घटी। देश में लोगों की कोई सुरक्षा नहीं हैं। पहले अहमदाबाद में इतने लोगों की जान गई और अब इस हादसे में अजित पवार की जान गई। देश के मुख्यमंत्री समय कम होने की वजह से चार्टर्ड फ्लाइट में सफर करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा का क्या? हम इस हादसे से बड़ा परेशान हैं। शब्द नहीं हैं हमारे पास। सुप्रीम कोर्ट के सुपरविजन पर जांच होनी चाहिए।"
हालांकि ममता बनर्जी ने ये बयान अजित पवार के निधन के बाद फौरन नहीं दिया। बल्कि सबसे पहले उन्होंने ये बयान दिया, "अजित पवार के अचानक निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध हूं! महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके सहयात्रियों की आज सुबह बारामती में एक भयावह विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई है, और मुझे गहरा शोक का अनुभव हो रहा है। उनके परिवार, उनके चाचा शरद पवार जी सहित, और स्वर्गीय अजित जी के सभी मित्रों और अनुयायियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस घटना की उचित जांच होनी चाहिए।"
इस बयान को देने के कुछ घंटों बाद ममता ने इस मामले में दूसरा बयान दिया, जिसने सियासत में हड़कंप मचा दिया। इस बयान के मुताबिक, ममता ने कहा कि अजित पवार, शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे। प्लेन क्रैश मामले की जांच होनी चाहिए।
प्लेन क्रैश कब हुआ?
मिली जानकारी के मुताबिक, प्लेन क्रैश की घटना आज सुबह लगभग 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट (पुणे जिला) पर घटी। इस हादसे में प्लेन सवार पांचों लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अजित पवार के अलावा एक बॉडीगार्ड, एक केबिन क्रू और 2 कैप्टन थे।
दरअसल अजित पवार की आज बारामती में सभा थी। वह आज सुबह ही मुंबई से बारामती के लिए निकले थे। आगामी जिला परिषद चुनावों के प्रचार के लिए वह आज मुंबई से बारामती पहुंचे थे। लेकिन एयरपोर्ट पर ही वह हादसे का शिकार हो गए।
इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।


