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अब थम जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध! अमेरिका ने यूक्रेन के लिए कर दिया वो बड़ा ऐलान...जिसे चाहते थे जेलेंस्की

 Written By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jan 28, 2026 11:18 pm IST,  Updated : Jan 28, 2026 11:18 pm IST

रूस-यूक्रेन युद्ध की 4 वर्षों की जंग अब थमने के आसार बनने लगे हैं। अमेरिका ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की मांग के अनुसार सुरक्षा गारंटी पर सहमति बनाने का दावा किया है।

मार्को रूबियो, अमेरिका के विदेश मंत्री। - India TV Hindi
मार्को रूबियो, अमेरिका के विदेश मंत्री। Image Source : AP

वाशिंगटनः रूस और यूक्रेन युद्ध आखिरकार 4 साल बाद अब थमने की राह पर बढ़ चुका है। इसकी वजह अमेरिका है। अमेरिका ने अब यूक्रेन को वह गारंटी दे दी है, जिसकी राष्ट्रपति जेलेंस्की लंबे समय से मांग करते आ रहे थे। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को ऐलान किया कि यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर ‘सामान्य सहमति’बन गई है। 

अमेरिका के साथ यूरोपीय सैनिक देंगे यूक्रेन को सुरक्षा

मार्को रूबियो ने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर महत्वपूर्ण बयान में कहा कि यूक्रेन के मामले में सुरक्षा गारंटी को लेकर अब ‘सामान्य सहमति’ बन गई है। इन गारंटी में मुख्य रूप से यूरोपीय सैनिकों की सीमित तैनाती और अमेरिकी बैकस्टॉप शामिल हैं। रूबियो के अनुसार, सुरक्षा गारंटी में कुछ यूरोपीय देशों (मुख्य रूप से फ्रांस और ब्रिटेन) द्वारा युद्ध के बाद यूक्रेन में मुट्ठी भर सैनिकों की तैनाती की बात हो रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी बैकस्टॉप के बिना यह सब अप्रासंगिक है। क्योंकि यूरोपीय सहयोगी अपने रक्षा क्षेत्र में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाए हैं। उनका कहना है कि वास्तविक सुरक्षा गारंटी अमेरिकी बैकस्टॉप ही है।

अमेरिका ने फिर यूरोपीय सैनिकों की उड़ाई खिल्ली

यूक्रेन को सुरक्षा देने के बहाने अमेरिका ने एक बार फिर यूरोपीय देशों के सैनिकों की खिल्ली उड़ाई है। रूबियो ने कहा कि जब तक अमेरिका का मजबूत समर्थन न हो, तब तक यूरोपीय सैनिकों की तैनाती से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपनी रक्षा क्षमताओं में तेजी से वृद्धि नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण NATO को भी पुनर्गठित करने की जरूरत है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति वार्ताएं चल रही हैं। 

यूरोपीय देश अपनी रक्षा पर नहीं करते खर्च

ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी देने की बात के साथ अमेरिकी सैनिकों की जमीन पर तैनाती से इनकार कर रहा है। यूरोपीय देशों (खासकर फ्रांस और ब्रिटेन) ने यूक्रेन में सैनिक भेजने की इच्छा जताई है, लेकिन रूबियो का जोर इस बात पर है कि बिना अमेरिकी समर्थन के यह प्रयास व्यर्थ होंगे। रूबियो ने NATO सहयोगियों से अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों ने रक्षा पर पर्याप्त खर्च नहीं किया, इसलिए अमेरिका पर निर्भरता बनी हुई है। यह बयान यूरोप में चिंता पैदा कर सकता है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने और यूरोप को अधिक जिम्मेदारी लेने के पक्ष में है। 

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