रूस-यूक्रेन युद्ध की 4 वर्षों की जंग अब थमने के आसार बनने लगे हैं। अमेरिका ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की मांग के अनुसार सुरक्षा गारंटी पर सहमति बनाने का दावा किया है।
भारत की संसद में पास हुए न्यूक्लियर एनर्जी बिल, 2025 में अमेरिका को इंटरेस्ट आ गया है, इसको लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और एस. जयशंकर की बातचीत हुई। साथ ही, हिंद-प्रशांत को लेकर भी चर्चा हुई जो चीन की बेचैनी बढ़ा सकती है।
वेनेजुएला में सफल सैन्य ऑपरेशन के बाद डोनाल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास चरम पर है। वे अब ग्रीनलैंड को कब्जे में लेना चाहते हैं। इसी बहाने अब विदेश सचिव मार्को रूबियो डेनमार्क का दौरा करनेवाले हैं।
वेनेजुएला संभालने के ट्रंप के बयान पर मार्को रूबियो ने सफाई दी है। रूबियो ने कहा कि ट्रंप के शब्दों का अर्थ सीधा शासन करना नहीं, बल्कि दबाव की शक्ति का उपयोग करना है।
रूस-यूक्रेन के बीच करीब 4 साल से चल रहे युद्ध को अमेरिका और यूरोपीय संघ अभी तक शांत नहीं करा पाए हैं, बल्कि वह खुद ही जुबानी संघर्ष में उलझते दिख रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय संघ में भारी तनाव पैदा हो गया है।
अमेरिका ने इजरायल के खिलाफ गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध के विरुद्ध कार्यवाही शुरू करने वाले आईसीसी के 2 और जजों पर बैन लगा दिया है।
ट्रंप द्वारा प्रस्तुत की गई रूस-यूक्रेन शांति योजना पर बवाल मच गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की द्वारा इसे खारिज किए जाने के बाद अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस प्रस्ताव पर अपनी सफाई दी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दिल्ली ब्लास्ट को आतंकी हमला बताया और भारत की पेशेवर जांच की सराहना की है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत कर संवेदना जताई है। प्रारंभिक जांच में पाकिस्तानी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद का लिंक सामने आया है।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी समकक्ष से मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर तनाव है। दोनों ही शीर्ष नेताओं की मुलाकात कुआलालंपुर में हुई है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप ने रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत पर रूसी तेल खरीद पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया, भले ही भारत अमेरिका का करीबी साझेदार है। रुबियो ने भारत के साथ संबंधों की मजबूती और बातचीत जारी रखने पर जोर दिया।
भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच न्यूयॉर्क में मुलाकात हुई, जहां दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच विशेष रूप से क्वाड, व्यापार, रक्षा, और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 80वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से ये मुलाकात की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी अमेरिका पहुंचे हुए हैं।
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