Tuesday, February 03, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से की मुलाकात, जानिए दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई बात?

एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से की मुलाकात, जानिए दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई बात?

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी समकक्ष से मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर तनाव है। दोनों ही शीर्ष नेताओं की मुलाकात कुआलालंपुर में हुई है।

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj
Published : Oct 27, 2025 08:28 am IST, Updated : Oct 27, 2025 08:36 am IST
एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो- India TV Hindi
Image Source : X/DRSJAISHANKAR एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कुआलालंपुर में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय विकास और वैश्विक चुनौतियों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। 

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा, 'आज सुबह कुआलालंपुर में मार्को रुबियो से मिलकर खुशी हुई। हमारे द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा की सराहना की।'

इस बातचीत का मिलेगा कूटनितिक महत्व

दोनों नेताओं के बीच उच्च स्तरीय बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील चल रही है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक बातचीत को कूटनीतिक महत्व मिलेगा। 

भारत 'जल्दबाजी' में नहीं करेगा व्यापार समझौता- पीयूष गोयल

पिछले हफ्ते, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा था कि भारत 'जल्दबाजी' में कोई भी व्यापार समझौता नहीं करेगा और न ही साझेदार देशों की ऐसी शर्तें स्वीकार करेगा जो उसके व्यापारिक विकल्पों को सीमित कर सकती हैं। उनकी इन टिप्पणियों से नई दिल्ली के सतर्क रुख का पता चलता है, जबकि वाशिंगटन के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है। 

विश्वास, दीर्घकालिक संबंध और वैश्विक व्यापार सहयोग

जयशंकर ने कहा कि व्यापार समझौते 'शुल्क या बाजार पहुंच' से कहीं आगे तक फैले होते हैं और विश्वास, दीर्घकालिक संबंध और वैश्विक व्यापार सहयोग के लिए स्थायी ढाँचे बनाने पर केंद्रित होते हैं। यह दृष्टिकोण भारत की इस मंशा को रेखांकित करता है कि वह यह सुनिश्चित करे कि अमेरिका के साथ भविष्य का कोई भी समझौता उसके दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों के अनुरूप हो।

सतर्क और संतुलित रुख अपनाता रहेगा भारत

गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत सतर्क और संतुलित रुख अपनाता रहेगावाशिंगटन के साथ बातचीत का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'बहुत ही अल्पकालिक संदर्भ में बात यह नहीं है कि अगले छह महीनों में क्या होने वाला है। बात सिर्फ अमेरिका को स्टील बेचने की नहीं है।' 

लंबी अवधि के लिए होते हैं​ व्यापार समझौते

उन्होंने आगे कहा कि भारत की व्यापार रणनीति अल्पकालिक लक्ष्यों के बजाय दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से निर्देशित होती है। उन्होंने कहा, 'व्यापार समझौते लंबी अवधि के लिए होते हैं। यह केवल टैरिफ के बारे में नहीं है, यह विश्वास और रिश्ते के बारे में भी है। व्यापार समझौते व्यवसायों के बारे में भी होते हैं।' (इनपुट- एएनआई)

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement