मुंबई: अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कमान अब पूरी तरह से सुनेत्रा पवार के हाथों में आने जा रही है। पार्टी की पूरी ताकत अब सुनेत्रा पवार के इर्द-गिर्द सिमटने जा रही है। पार्टी के नेतृत्व से लेकर सरकार में उनकी भूमिका तक, हर स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी पूरी हो चुकी है।
NCP की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगी सुनेत्रा पवार
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में शून्यता की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसी स्थिति में उसे भरने के लिए नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है। एनसीपी के 30 प्रमुख सेल के अध्यक्षों ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को पत्र लिख कर सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की औपचारिक मांग रखी है। जल्द ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर इस पर औपचारिक मुहर लगाई जा सकती है।
पार्थ पवार की राज्यसभा में एंट्री का प्लान
अजित पवार के बेटे पार्थ पवार के राजनीति के भविष्य को देखते हुए एक खास रणनीति बनाई गई है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें राज्यसभा भेजने की तैयारी है। सुनेत्रा पवार जब भी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा देगी और जब उस रिक्त सीट के लिए चुनाव होगा उसी सीट से पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जाएगा।
बारामती उपचुनाव के लिए सुनेत्रा का नाम लगभग फाइनल
अजित पवार के निधन के बाद बारामती विधानसभा सीट खाली हुई है। इस सीट पर जब उपचुनाव होगा उस उपचुनाव में सुनेत्रा पवार उम्मीदवार होंगी। बारामती विधानसभा का नेतृत्व भी सुनेत्रा पवार करेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जब भी चुनाव होगा उनके खिलाफ किसी भी पार्टी का उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरेगा, ऐसे में निर्विरोध चुनाव की प्रबल संभावना है।
खटाई में पड़ा एनसीपी का विलय
एनसीपी का मर्जर फ़िलहाल खटाई में पड़ा है। अजित पवार और शरद गुट के नेताओं की कई दौर की बैठकें हुई थीं पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया था। अजित पवार अपनी शर्तों पर मर्जर करना चाहते थे। सुनेत्रा पवार फिलहाल पार्टी और सरकार में अपनी जगह मजबूत करेगी उसके बाद मर्जर पर फैसला लेगी वह भी अपने शर्तों पर लेकिन अभी एनसीपी अजीत के लिए यह मामला उतना जरूरी नहीं इसलिए इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
पुणे और बीड की नई 'पालक मंत्री'
सुनेत्रा पवार को ही पुणे और बीड जिले का गार्जियन मंत्री बनाया गया है इन दोनों जिले का जिम्मा अजित पवार के पास ही था। प्रशासनिक मोर्चे पर सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें पुणे और बीड जिले का गार्जियन मंत्री (पालक मंत्री) नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि ये दोनों जिले अजित पवार के गढ़ माने जाते थे, जिनकी कमान अब आधिकारिक रूप से सुनेत्रा पवार के हाथों में होगी।




