तीस की उम्र में जोड़ों का दर्द अब सिर्फ बुज़ुर्गों की समस्या नहीं रह गया है। कभी घुटनों में चुभन, कभी कंधों में जकड़न तो कभी कूल्हों में अकड़न, आजकल ये परेशानियां 30 की उम्र पार करते ही कई युवाओं को घेरने लगी हैं। सवाल यह है कि आखिर कौन-सी डेली हैबिट्स हमारे जोड़ों को चुपचाप नुकसान पहुंचा रही हैं और कैसे समय रहते इन्हें सुधारा जा सकता है ताकि आगे चलकर गंभीर समस्या से बचा जा सके
कौन-सी रोज़ाना की आदतें वैरिकोज वेन्स को खराब करती हैं?
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लंबे समय तक एक ही जगह बैठना या खड़े रहना: बिना हिले-डुले देर तक बैठने या खड़े रहने से पैरों की नसों पर ज़्यादा दबाव पड़ता है। साथ ही लंबे समय तक हाई हील्स पहनना भी ब्लड फ्लो को प्रभावित करता है, जिससे नसें और कमजोर हो सकती हैं।
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एक्सरसाइज़ न करना: एक्सरसाइज़ की कमी से पिंडली की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जबकि यही मांसपेशियां नसों में खून को ऊपर की ओर पहुंचाने का काम करती हैं। बढ़ा हुआ वज़न नसों पर दबाव डाल देता है।
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खाने-पीने की गलत आदतें: बहुत ज़्यादा जंक फूड, तला-भुना और पोषण की कमी वाला खाना नसों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
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पानी की कमी और कम फाइबर: पर्याप्त पानी न पीने और फाइबर की कमी से खून गाढ़ा हो सकता है और कब्ज की समस्या होती है। इससे पेट का दबाव बढ़ता है, जो पैरों की नसों में खून के बहाव को और बिगाड़ देता है।
कैसे लाइफस्टाइल में बदलाव कर सकते हैं?
पैरों में भारीपन, सूजन या नसों का उभरकर दिखना वैरिकोज वेन्स के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इन्हें नज़रअंदाज़ करना आगे चलकर समस्या को गंभीर बना सकता है। अच्छी बात यह है कि रोज़मर्रा की लाइफस्टाइल में किए गए छोटे-छोटे बदलाव बड़ा असर दिखा सकते हैं।
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लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से बचें, हर 30–40 मिनट में थोड़ा चलें-फिरें।
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दिन में कुछ देर पैरों को दिल के स्तर से ऊपर रखने से सूजन कम होती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
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हाई हील्स या बहुत टाइट फुटवियर से बचें, ताकि पैरों की नसों पर दबाव न पड़े।
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बढ़ा हुआ वजन नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, इसलिए संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल जरूरी है।
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रोज़ाना वॉक, हल्की एक्सरसाइज़ या योग नसों में खून के बहाव को बेहतर बनाते हैं।
इन बदलावों से न सिर्फ नसों की सेहत सुरक्षित रहती है, बल्कि बेचैनी कम होती है और समय के साथ वैरिकोज वेन्स के बिगड़ने का खतरा भी काफी हद तक घटाया जा सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)