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दिल्ली-नोएडा की हवाओं में घुल गया है जहर, धूल के कण फुला रहे लोगों का दम, जानें इन दमघोटूं हवाओं से कैसे खुद को बचाएं?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Dec 15, 2025 06:58 pm IST,  Updated : Dec 15, 2025 06:58 pm IST

How To Protect Yourself From Air Pollution: दिल्ली-नोएडा की दम घोंटने वाली हवा स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है। अगर हम आज कार्रवाई नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

वायु प्रदूषण के कारण और प्रभाव- India TV Hindi
वायु प्रदूषण के कारण और प्रभाव Image Source : AP

दिल्ली-नोएडा की हवा एक साइलेंट किलर बन गई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक लेवल पर पहुँच गया है, और PM2.5 और PM10 जैसे बारीक धूल के कण सीधे हमारे फेफड़ों, नाक, गले और छाती पर हमला कर रहे हैं। वायु प्रदूषण में मौजूद बारीक कण बहुत छोटे होते हैं। वे नाक के नेचुरल फिल्टर को पार करके फेफड़ों में गहराई तक चले जाते हैं, और खून में भी पहुँच सकते हैं। दिल्ली के वसंत विहार में स्थित मेड फर्स्ट ईएनटी सेंटर के फाउंडर डॉ. आर.के.भारद्वाज (Dr. R.K।Bhardwaj) कहते हैं कि वायु प्रदूषण कोई छोटी समस्या नहीं है। यह धीरे-धीरे हमारे फेफड़ों, दिल और ENT सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में इसे लेकर जागरूकता और बचाव ही इलाज के सबसे मज़बूत तरीके हैं।

प्रदूषण बढ़ने से क्या होता है?

प्रदूषण दर बढ़ने से लोगों को साँस लेने में दिक्कत, गले में जलन और सूखापन, लगातार खाँसी और आवाज़ में भारीपन, सीने में भारीपन और आँखों और नाक में जलन की समस्या का सामना करना पड़ता है।  इन वजहों से सांस की बीमारियां जैसे अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग, कैंसर, और तंत्रिका संबंधी सेहत से जुड़ी परेशानियां जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।

प्रदूषित हवा के कारण ENT क्लीनिक में एलर्जिक राइनाइटिस, साइनसाइटिस, गले के इन्फेक्शन और आवाज़ से जुड़ी बीमारियों के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। वायु प्रदूषण से होने वाले ये लक्षण बेहद आम हैं। अगर आपको ये लक्षण महसूस हों, तो इन्हें गंभीरता से लें

  • बार-बार छींक आना

  • नाक बंद होना या बहना

  • गला खराब, सूखा या दर्द होना

  • सांस लेने में दिक्कत

  • बच्चों और बुजुर्गों को जल्दी थकान होना

  • अस्थमा और COPD मरीज़ों में लक्षणों का बिगड़ना

वायु प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?

वायु प्रदूषण के मुख्य कारण गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ, निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल, पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना सड़क की धूल और औद्योगिक प्रदूषण जैसे कारक ज़िम्मेदार हैं।

प्रदूषित हवा से खुद को कैसे बचाएं?

प्रदूषित हवा से खुद को बचने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर सावधानियां बरतनी होंगी।

  • बाहर निकलते समय हमेशा N95 या FFP2 मास्क पहनें

  • ज़्यादा प्रदूषण वाले घंटों (सुबह और शाम) में बाहर जाने से बचें

  • ज़्यादा प्रदूषण के समय खिड़की-दरवाज़े बंद रखें

  • घर के अंदर की हवा साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें

  • घर लौटने के बाद अपना चेहरा, नाक और मुंह धोएं

  • हाइड्रेटेड रहने के लिए खूब पानी पिएं

  • विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाना खाएं जैसे- (आंवला, संतरे, नींबू, पालक, हरी सब्जियां)

  • अगर मास्क उपलब्ध न हो, तो अपनी नाक और मुंह को साफ सूती कपड़े या स्कार्फ से ढकें

बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास देखभाल

  • बच्चों की बाहरी गतिविधियों को सीमित करें

  • बुजुर्गों और सांस के मरीज़ों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेनी चाहिए

  • अगर सांस लेने में दिक्कत या घरघराहट हो तो मेडिकल सलाह लेने में देरी न करे

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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