अगर आप रोजाना सिर्फ 15 मिनट तक ब्रिस्क वॉक करते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। StudyFinds की रिपोर्ट के मुताबिक, एक नई स्टडी के अनुसार, दिन में केवल 15 मिनट की ब्रिस्क वॉक भी मौत के खतरे को लगभग 20% तक कम कर सकती है। यह स्टडी Vanderbilt University Medical Center के रिसर्चरों द्वारा किया गया, जिनका उद्देश्य यह था कि रोजाना की शारीरिक गतिविधि स्वास्थ्य पर कितना असर डालती है। खासकर उन जगहों पर जहाँ महंगे जिम या फिटनेस ऐप्स तक पहुंच आसान नहीं होती।
रिसर्चरों ने 2002 से 2022 के बीच 40 से 79 साल की उम्र के लगभग 79,856 लोगों पर नज़र रखी। इनमें से ज़्यादातर लोगों को 12 दक्षिण-पूर्वी राज्यों में मौजूद कम्युनिटी हेल्थ क्लीनिकों के ज़रिए इस स्टडी में शामिल किया गया था। इस स्टडी के दौरान, 26,862 लोगों की मौत हो गई। लेकिन जो लोग रोज़ाना तेज़ चाल से टहलते थे भले ही वे सिर्फ़ 15 मिनट ही टहलते हों उनमें मृत्यु दर काफ़ी कम पाई गई। यानी इस रिसर्च में पाया गया कि दिन में सिर्फ़ 15 मिनट तेज़ चाल से चलने से मृत्यु दर में लगभग 20% की कमी आई, जबकि तीन घंटे से अधिक धीमी चाल से टहलने पर भी मृत्यु दर में केवल 4% की ही कमी देखी गई।
स्वास्थ्य के लिहाज़ से सबसे ज़्यादा फ़ायदा तब मिला, जब लोगों ने थोड़ी-थोड़ी देर के लिए ही सही, लेकिन ज़ोरदार तरीके से शारीरिक मेहनत की जैसे सीढ़ियाँ चढ़ना, तेज़ चाल से टहलना, या कोई भी ऐसा काम जिससे दिल की धड़कन तेज़ हो जाए। धीरे-धीरे टहलने से उतना फ़ायदा नहीं मिला।
ब्रिस्क वॉक करने से मृत्यु दर में सबसे ज़्यादा कमी दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों में देखी गई। यानी ब्रिस्क वॉक एक ऐसी एक्टिविटी है, जिसका इस्तेमाल हर उम्र के लोग अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं। तेज़ चलने से दिल की धड़कन तेज़ होती है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, सूजन कम होती है, और वज़न व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
हालांकि, इस स्टडी को अब भी लोग पूरी तरह से सही नहीं मानते है। दरअसल, यह एक ऑब्ज़र्वेशनल स्टडी है, इसलिए यह 'कारण और प्रभाव' को साबित नहीं कर सकती है। लेकिन इसका मुख्य संदेश बिल्कुल साफ़ है: थोड़ी देर के लिए तेज़ चलना, आपकी लंबी उम्र की संभावनाओं को बढ़ाने का सबसे आसान तरीका हो सकता।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है
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