- कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि - 4 फरवरी को रात 12 बजकर 10 मिनट तक
- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र - 4 फरवरी को रात 10 बजकर 13 मिनट तक
- अतिगण्ड योग - 4 फरवरी को देर रात 1 बजकर 5 मिनट से 5 फरवरी तक
- भद्रा - दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से रात 12 बजकर 10 मिनट तक
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 31 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक
- प्रातः सन्ध्या सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक
- विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 46 मिनट से 3 बजकर 32 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 31 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक
- दिल्ली- दोपहर 12:35 - 01:57 PM
- मुंबई- दोपहर 12:53 - 02:18 PM
- चंडीगढ़- दोपहर 12:37 - 01:58 PM
- लखनऊ- दोपहर 12:20 - 01:43 PM
- भोपाल - दोपहर 12:34 - 01:58 PM
- कोलकाता- दोपहर पहले 11:51 - 01:15 PM
- अहमदाबाद- दोपहर 12:53 - 02:17 PM
- चेन्नई- दोपहर 12:23 - 01:50 PM
- सूर्योदय का समय: 07:12
- सूर्यास्त क समय: 06:30
ज्योतिष विज्ञान की माने तो भद्रा अलग-अलग 12 चन्द्र राशियों के अनुसार तीनों लोक- स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल में घूमती रहती है। जब चन्द्रमा कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशि में होता है तब भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर होता है। 4 फरवरी को चन्द्रमा सिंह राशि में है, इसलिए इस दिन पृथ्वी लोक की भद्रा है। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन कुछ कार्य इस दिन करने से वो सिद्ध हो जाएंगे। जैसे किसी भी तरह के वाद-विवाद के लिए, किसी पर मुकदमा करने, शत्रु पक्ष से मुकाबले के लिए, शस्त्र आदि के प्रयोग, सर्जिकल स्ट्राइक, छापा मारने, राजनीतिक कार्यों में तरक्की, अग्नि से संबंधित कार्य, हवन आदि के लिए, पशु संबंधी कार्य, दाम्पत्य संबंधों की ऊष्मा को बनाए रखने और तंत्र-मंत्र के प्रयोग के लिए यह दिन बड़ा ही प्रशस्त है।