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NASA को मंगल ग्रह पर मिला जीवन का सुराग, समुद्र तट के मिले सबूत; नजर आया Beach

NASA के पर्सेवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर अहम खोज की है। रोवर ने लाल ग्रह पर एक समुद्र तट के सबूत खोजे हैं। निष्कर्ष से पता चलता है कि मंगल ग्रह पर कभी जीवन था और पानी भी मौजूद था।

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927
Published : Feb 03, 2026 10:01 am IST, Updated : Feb 03, 2026 10:02 am IST
Perseverance Rover In Mars- India TV Hindi
Image Source : AP Perseverance Rover In Mars

Beach On Mars: NASA के पर्सेवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर एक प्राचीन समुद्र तट के मजबूत सबूत खोजे हैं। इस खोज से यह पता चलता है कि लगभग 3.5 अरब साल पहले जेजेरो क्रेटर में एक विशाल झील हुआ करती थी। यह खोज मंगल के अतीत में अधिक लंबे समय तक रहने योग्य माहौल की संभावना को बढ़ाती है। खोज यह भी बताती है कि कभी इस लाल ग्रह की सतह पर पानी मौजूद था। 

हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों का किया गया विश्लेष

यह महत्वपूर्ण अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन के नेतृत्व में किया गया है। इसके निष्कर्ष Journal of Geophysical Research, Planets में हाल ही में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने पर्सेवरेंस रोवर के जरिए कैद की गई हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों का विश्लेषण किया है  जिसमें मार्जिन यूनिट नाम के क्षेत्र में लहरों से बने समुद्र तट के संकेत और भूमिगत पानी से बदली हुई चट्टानें मिली हैं। मार्जिन यूनिट जेजेरो क्रेटर के आंतरिक किनारे पर स्थित है। यहां ओलिविन और कार्बोनेट से भरपूर गोलाकार रेत के दाने पाए गए, जो लहरों की क्रिया से घिसे हुए लगते हैं। स्थानीय चट्टानों में कटाव नजर आ रहा है जो एक प्राचीन तट रेखा की पुष्टि करती हैं। 

'यह बेहद रोमांचक है'

स्टडी के मुख्य लेखक और इंपीरियल कॉलेज के PhD शोधकर्ता एलेक्स जोन्स ने कहा, "समुद्र तट पृथ्वी पर रहने योग्य पर्यावरण होते हैं, और यहां बनने वाले कार्बोनेट खनिज प्राचीन माहौल की जानकारी को सील करके संरक्षित कर सकते हैं। हमारे निष्कर्ष मंगल के पिछले जलवायु और रहने की क्षमता के लिए बेहद रोमांचक हैं, साथ ही इस भूवैज्ञानिक इकाई के मूल पर चल रही बहस को नई दिशा देते हैं।"

Mars

Image Source : AP
Mars

सतह के नीचे पानी के सबूत

प्रोफेसर संजीव गुप्ता, जो इंपीरियल के पृथ्वी विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग से हैं, ने जोड़ा कि हाल के अन्य अध्ययनों के साथ मिलकर यह साबित होता है कि मार्जिन यूनिट में सतह के नीचे पानी लंबे समय तक घूमता रहा, जिससे चट्टानें लगातार बदलती रहीं। पृथ्वी पर ऐसे हाइड्रोथर्मल वातावरण सूक्ष्म जीवों के जीवन को सहारा देते हैं। 

2021 से खोज में लगा है पर्सेवरेंस रोवर

पर्सेवरेंस रोवर 2021 से जेजेरो क्रेटर की खोज में लगा है। यह क्षेत्र इसलिए चुना गया क्योंकि यहां पहले एक बड़ी झील और डेल्टा था। रोवर ने 2023-2024 के दौरान मार्जिन यूनिट का गहन अध्ययन किया है। इसने चट्टानों और रेगोलिथ के कोर सैंपल इकट्ठा किए हैं, जो भविष्य में पृथ्वी पर लाकर विस्तृत जांच के लिए रखे जा रहे हैं। ये नई खोजें बताती हैं कि शांत झील की स्थिति पहले अनुमान से कहीं पहले मौजूद थी, और मंगल पर पृथ्वी जैसा स्थिर वातावरण व तरल पानी लंबे समय तक रहा होगा। यह मंगल पर प्राचीन जीवन की तलाश में एक बड़ा कदम है। नवीनतम निष्कर्ष इंपीरियल कॉलेज लंदन के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय स्टडी का हिस्सा हैं।

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