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'अमेरिका के लिए भारत बहुत अहम साझेदार है', जयशंकर से मुलाकात के बाद रुबियो का बड़ा बयान

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Sep 23, 2025 08:43 am IST, Updated : Sep 23, 2025 08:49 am IST

भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच न्यूयॉर्क में मुलाकात हुई, जहां दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच विशेष रूप से क्वाड, व्यापार, रक्षा, और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

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Image Source : @DRSJAISHANKAR/X एस. जयशंकर और मार्को रुबियो।

न्यूयॉर्क: भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ा है। सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी कि UNGA के 80वें सत्र के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों को और गहरा करने पर जोर दिया। रुबियो ने मुलाकात के बाद कहा, 'भारत अमेरिका के लिए बहुत अहम साझेदार है।' उन्होंने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, दवाइयां और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करने की सराहना की।

मुलाकात के दौरान क्या बात हुई?

जयशंकर और रुबियो ने करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान दोनों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने का वादा किया। खास तौर पर दोनों देशों के बीच क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के जरिए सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति बनी। जयशंकर ने X पर लिखा, 'रुबियो से न्यूयॉर्क में मिलकर अच्छा लगा। हमने आपसी और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर बात की। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए नियमित संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी।' रुबियो ने भी एक्स पर लिखा, 'जयशंकर के साथ व्यापार, ऊर्जा, दवाइयों और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने पर बात हुई। इससे दोनों देशों में खुशहाली बढ़ेगी।'

तनाव में गुजरे हैं पिछले कुछ महीने

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और रूस से तेल खरीद को लेकर कुछ तनाव देखा गया है। ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया। यह दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ में से एक है। इसके अलावा, हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1B वीजा पर 1,00,000 डॉलर का भारी शुल्क लगाने की घोषणा की, जिससे भारतीय पेशेवरों, खासकर आईटी और मेडिकल क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ी है।

व्यापार समझौते की दिशा में बढ़ा कदम

इसी दिन भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क में अमेरिकी अधिकारियों से मिला। दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखते हैं। 16 सितंबर को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की टीम ने भारत का दौरा किया था, जहां इस समझौते पर सकारात्मक बातचीत हुई थी।

जयशंकर ने और मुलाकातें भी कीं

जयशंकर ने न्यूयॉर्क में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों के साथ भी अनौपचारिक बैठक की। उन्होंने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास को धन्यवाद देते हुए कहा, 'यह मुलाकात भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी, यूक्रेन संकट, गाजा, ऊर्जा और व्यापार जैसे मुद्दों पर खुली चर्चा का मौका थी।' इसके अलावा, उन्होंने अमेरिकी राजदूत नामित और दक्षिण-मध्य एशिया के लिए विशेष दूत सर्जियो गोर से भी मुलाकात की। गोर ने भारत-अमेरिका रिश्तों को और बेहतर बनाने की इच्छा जताई। जयशंकर ने न्यूयॉर्क में अपनी व्यस्तताओं की शुरुआत फिलीपींस के विदेश सचिव टेरेसा पी. लाजारो से मुलाकात के साथ की थी। 27 सितंबर को वह UNGA के मंच से दुनिया को संबोधित करेंगे। (PTI)

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