Saturday, February 07, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. Explainers
  3. Explainer: भारत में अमेरिकी कृषि उत्पादों की No Entry, जानें अमेरिका के साथ ट्रेड डील से जुड़ी अहम बातें

Explainer: भारत में अमेरिकी कृषि उत्पादों की No Entry, जानें अमेरिका के साथ ट्रेड डील से जुड़ी अहम बातें

अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में, रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत जवाबी टैरिफ के साथ 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है, इसलिए भारतीय निर्यातकों को 50 प्रतिशत के इस टैरिफ से भारी नुकसान हो रहा था।

Written By: Sunil Chaurasia
Published : Feb 07, 2026 10:42 am IST, Updated : Feb 07, 2026 10:42 am IST
India-US Trade Deal, India-US Trade Agreement, tariff, us tariff, us tariff on india, agricultural p- India TV Hindi
Image Source : AFP कृषि और डेयरी उत्पादों को मिलेगी पूरी सुरक्षा

भारत और अमेरिका ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की। इसके तहत अमेरिका, भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जो पहले 50 प्रतिशत था। भारत-अमेरिका ने एक संयुक्त बयान में ये जानकारी दी। भारत और अमेरिकी के बीच हुए समझौते के अनुसार, भारत, अमेरिका के सभी इंडस्ट्रियल सामानों, सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फूड, सोयाबीन तेल, शराब, स्पिरिट और अन्य उत्पादों सहित कई प्रकार के अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करेगा। जिससे, भारत में ये अमेरिकी उत्पाद सस्ते हो जाएंगे।

50 प्रतिशत टैरिफ से भारतीय निर्यातकों को हो रहा था नुकसान

बयान के अनुसार ये रूपरेखा 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस रूपरेखा में अतिरिक्त बाजार पहुंच संबंधी प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और ये ज्यादा मजबूत सप्लाई चेन को समर्थन प्रदान करेगी। समझौते की मुख्य शर्तों के अनुसार, अमेरिका, भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में, रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत जवाबी टैरिफ के साथ 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है, इसलिए भारतीय निर्यातकों को 50 प्रतिशत के इस टैरिफ से भारी नुकसान हो रहा था।

अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा भारत

समझौते के तहत, भारत की अगले 5 सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने की योजना है। इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के कलपुर्जे, बहुमूल्य धातु, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला शामिल हैं। बयान के अनुसार, दोनों देश 'ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट' और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामानों समेत टेक्नोलॉजी से जुड़े सामानों के व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में संयुक्त सहयोग का विस्तार करेंगे।

भारत के किन उत्पादों को होगा फायदा

टैरिफ में कमी से भारत के कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबड़, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, भारत से अमेरिका जाने वाली जेनेरिक दवाइयों, रत्न, हीरों और विमान के कलपुर्जों सहित कई वस्तुओं पर जीरो टैरिफ हो जाएगा। बयान में कहा गया है, ''अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप, भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों को समाप्त करने को लेकर लगाए गए टैरिफ के तहत वाहन कलपुर्जों के लिए तरजीही शुल्क दर कोटा प्राप्त होगा।'' इसके अलावा, दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करेंगे, जो 191 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा है।

एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए खुलेगा 30,0000 अरब डॉलर का बाजार

इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए 30,0000 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा बाजार खुलेगा। निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भारत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, एथनॉल, तंबाकू, सब्जियां और मांस सहित संवेदनशील कृषि और दुग्ध उत्पादों को पूर्ण रूप से संरक्षित करेगा। दोनों देश अपने-अपने हित वाले क्षेत्रों में एक-दूसरे को तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

कृषि और डेयरी उत्पादों को मिलेगी पूरी सुरक्षा

India-US Trade Deal, India-US Trade Agreement, tariff, us tariff, us tariff on india, agricultural p

Image Source : HTTPS://X.COM/PIYUSHGOYAL
एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए खुलेगा 30,0000 अरब डॉलर का बाजार

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए इस समझौते में किसानों को पूरी सुरक्षा मिलेगी। पीयूष गोयल के मुताबिक, अमेरिका से गेंहू, कोपरा, स्यामक, कोदो, बाजरा, कांगनी, ओट्स, मैदा, चना, काबुली चना, रागी, अमरंथ, मक्का, चावल, जौ, ज्वार, छिल्का रहित अनाज और आटा (गेंहू, मक्का, चावल, बाजरा आदि), आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीर, मशरूम, दलहनी सब्जियों, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी, जैसे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारत नहीं आएंगे। इनके अलावा, मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगी। दुग्ध उत्पादों में लिक्विड, पाउडर और कंडेस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे उत्पाद और चीज़ को भी भारत में एंट्री नहीं मिलेगी।

मसालों के मामले में भी भारत का रुख साफ

India-US Trade Deal, India-US Trade Agreement, tariff, us tariff, us tariff on india, agricultural p

Image Source : HTTPS://X.COM/PIYUSHGOYAL
मसालों के मामले में भी भारत का रुख साफ

कृषि और डेयरी उत्पादों के अलावा, इस लिस्ट में कई मसालों को भी शामिल किया गया है। भारत, अमेरिका से काली मिर्च, लॉन्ग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, चक्रमर्द, कैसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसाले भी नहीं मंगवाएगा।

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Explainers से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement