भारत ने भी अमेरिका के कई उत्पादों पर भारी टैरिफ लगा रखा है। इससे अमेरिकी उत्पादकों की हालत खस्ता हो गई है। लिहाजा अमेरिकी कानून निर्माताओं ने ट्रंप को पत्र लिखकर पीएम मोदी से टैरिफ कम करने का अनुरोध करने के लिए आग्रह किया है।
सर्जियो गोर ने सोमवार को भारत में नए अमेरिकी राजदूत के तौर पर पदभार संभाल लिया है। पद संभालने के साथ ही सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील, पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों समेत कई अहम मुद्दे पर बयान दिए हैं।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि जैसे-जैसे टैरिफ का खतरा गहरा रहा है, भारत को रूसी तेल के मुद्दे पर एक स्पष्ट फैसला लेना होगा।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैक्स और अमेरिका-भारत व्यापारिक संबंधों में तनाव ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को प्रभावित किया है। भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में इस वृद्धि और गिरावट का एक बड़ा असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'बहुत अच्छा दोस्त' बताते हुए भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका का अहम रणनीतिक साझेदार कहा। दोनों नेताओं ने हालिया बातचीत में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गुरुवार को बातचीत हुई है। पीएम मोदी ने अपने X हैंडल पर इस बातचीत के मुद्दों के बारे में जानकारी दी है।
भारतीय सेना और भी घातक होने जा रही है। अमेरिका ने हाल ही में जैवलिन मिसाइल सिस्टम और एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल्स की बिक्री भारत को करने के लिए मंजूरी दे दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जुलाई के आखिर में भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए जुर्माने के रूप में भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था।
22 लाख टन एलपीजी भारत के सालाना एलपीजी आयात का लगभग 10 प्रतिशत है और ये भारतीय बाजार के लिए पहला ऐसा अमेरिकी एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में एक नई हलचल देखी जा रही है। ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को “किसी दिन” कम किया जा सकता है। इस बयान के बाद भारत में उत्साह तो बढ़ा है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे ट्रंप की एक और राजनीतिक रणनीति मान रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की यात्रा पर आने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महान व्यक्ति हैं और मैं भारत जाऊंगा।
भारत के लिए अमेरिका से आई यह खबर किसी झटके से कम नहीं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मई से सितंबर 2025 के बीच अमेरिका को भारत का एक्सपोर्ट 37.5% तक लुढ़क गया है।
भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। खबर है कि दोनों देशों के बीच होने वाले आगामी ट्रेड डील में भारतीय निर्यातपर लगने वाला भारी अमेरिकी टैरिफ 50% से घटाकर 15-16% तक किया जा सकता है।
पीयूष गोयल ने बताया कि हमने पिछले तीन वर्षों में कई विकसित देशों के साथ FTA किए हैं। फिलहाल भारतीय सरकारी टीम वॉशिंगटन में है और 17 अक्टूबर तक अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ निर्णायक व्यापार वार्ताओं में हिस्सा ले रही है।
अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को लेकर कोशिशें जारी हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधि लगातार इसे आगे ले जाने की कोशिश में लगे हैं।
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूत करने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पीएम मोदी को अपना "बहुत अच्छा दोस्त" मानते हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और तकनीकी मुद्दों पर चर्चा हुई।
सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप से अनुरोध किया है कि वे इस नीति पर पुनर्विचार करें और भारत के खिलाफ लगाए गए शुल्कों को वापस लें, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को एक नई दिशा मिल सके। उनका कहना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच पारस्परिक समझ और सहयोग को बढ़ावा देगा।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्षों ने समझौते की संभावित रूपरेखा पर विचारों का आदान-प्रदान किया और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए बातचीत जारी रखने का फैसला लिया गया।"
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप ने रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत पर रूसी तेल खरीद पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया, भले ही भारत अमेरिका का करीबी साझेदार है। रुबियो ने भारत के साथ संबंधों की मजबूती और बातचीत जारी रखने पर जोर दिया।
भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर शशि थरूर ने कहा कि भले ही अल्पकालिक झटका लगा हो, लेकिन दोनों देशों के दीर्घकालिक हित अंततः उन्हें एक समान स्तर पर लाएंगे।
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