वाशिंगटनः भारत-अमेरिका के बीच चल रहे टैरिफ विवाद के बीच नई दिल्ली की बीजिंग से नजदीकी बढ़ने से राष्ट्रपति ट्रंप परेशान हो गए हैं। भारत को चीन के करीब जाते देख ट्रंप ने पीएम मोदी से वार्ता करने और संबंध दोबारा सुधारने के प्रयासों को तेज कर दिया है। ट्रंप अपने हालिया बयानों से यह साफ कर चुके हैं कि वह जल्द ही भारत से अपने संबंधों को सुधार लेंगे। इस बीच भारत में नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी भारत को अपने पाले में लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताई है।
चीन से भारत को दूर करना मकसद-गोर
सर्जियो गोर ने कहा, " हम इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएंगे कि भारत को अपने पक्ष में लाया जाए और चीन से दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि... भले ही हमारे (भारत-अमेरिका) संबंधों में इस समय कुछ रुकावटें आ रही हों, लेकिन हम उन्हें सुलझाने की राह पर हैं। भारत सरकार और भारतीय जनता के साथ हमारे संबंध आने वाले कई दशकों तक बने रहेंगे और यह संबंध चीन के साथ उनके संबंधों की तुलना में कहीं अधिक गर्मजोशी से भरे हैं।
चीन कर रहा विस्तारवाद
गोर ने कहा कि चीन का विस्तारवाद केवल भारत की सीमा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैला हुआ है... हम इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएंगे कि भारत को हमारे पक्ष में लाया जाए और उनसे (चीन) दूर किया जाए... चल रही व्यापार वार्ताओं में, हम चाहते हैं कि भारतीय बाजार हमारे कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलएनजी (LNG) के लिए खुले। भारत का मध्यम वर्ग अमेरिका की पूरी आबादी से भी बड़ा है। (एएनआई)
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