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UMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का तीन महीने और हो सकेगा रजिस्ट्रेशन, केंद्रीय मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Dec 05, 2025 08:42 am IST,  Updated : Dec 05, 2025 12:00 pm IST

UMEED पोर्टल पर वक्फ संस्थानों के डॉक्यूमेंट्स अपलोड तीन महीने और अपलोड हो सकेंगे। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम तीन महीने तक कोई कानूनी कदम नहीं उठाएंगे।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : META AI

नई दिल्लीः केंद्र सरकार द्वारा 6 जून को लॉन्च किए गए UMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को रजिस्टर तीन महीने और किया जा सकेगा। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ कानून बनाने के बाद हमने UMEED पोर्टल लॉन्च किया था और संबंधित पार्टियों को पोर्टल पर सभी वक्फ प्रॉपर्टी रजिस्टर करने के लिए छह महीने का समय दिया गया था। आज आखिरी दिन है जबकि लाखों प्रॉपर्टी अभी भी रजिस्टर नहीं हुई हैं। कई सांसद और सामाजिक नेता मेरे पास डेडलाइन बढ़ाने की रिक्वेस्ट करने आए थे। मैं सभी मुतवल्लियों को भरोसा दिलाता हूं कि अगले तीन महीनों तक हम UMEED पोर्टल पर रजिस्टर करने वालों पर कोई पेनल्टी नहीं लगाएंगे या कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेंगे। अगर आप रजिस्टर नहीं कर पा रहे हैं, तो मेरी रिक्वेस्ट है कि आप ट्रिब्यूनल जाएं। 

UMEED पोर्टल पर 1.5 लाख से ज़्यादा वक्फ प्रॉपर्टी रजिस्टर

सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में साफ कहा था कि छह महीने की डेडलाइन के बाद तारीख नहीं बढ़ाई जा सकती, लेकिन ट्रिब्यूनल के पास इसे छह महीने तक बढ़ाने का अधिकार है। हम अपने लोगों को ज़्यादा से ज़्यादा राहत देने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ चीजें कानून से बंधी होती हैं। चूंकि संसद ने पास किया है वक्फ संशोधन अधिनियम, हम कानून नहीं बदल सकते। उन्होंने बताया कि अब तक, UMEED पोर्टल पर 1.5 लाख से ज़्यादा वक्फ प्रॉपर्टी रजिस्टर हो चुकी हैं। 

बता दें कि अभी तक देश भर में सबसे ज़्यादा वक्फ ज़मीन वाले पांच में से चार राज्यों में लगभग एक तिहाई से लेकर दसवें हिस्से तक की संपत्तियों की डिटेल्स अपलोड की जा चुकी हैं। वक्फ बोर्ड और संपत्तियों के मुतवल्ली (देखभाल करने वाले) UMEED पोर्टल पर अभी डिटेल्स अपलोड नहीं कर पाए हैं। इन्हें सदियों पुरानी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ और कागज़ात ढूंढने में मुश्किल, साथ ही अलग-अलग राज्यों में ज़मीन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग माप जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है।  

कई राज्यों में फैली है वक्फ संपत्तियां

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, देश भर में अनुमानित 8.8 लाख वक्फ संपत्तियां फैली हुई हैं। 1.4 लाख संपत्तियों के साथ, उत्तर प्रदेश में अपने सुन्नी और शिया बोर्डों में अब तक सबसे ज़्यादा वक्फ संपत्तियां हैं। यूपी के बाद, पश्चिम बंगाल (80,480), पंजाब (75,511), तमिलनाडु (66,092), और कर्नाटक (65,242) में सबसे ज़्यादा वक्फ संपत्तियां हैं। बिहार यूपी के अलावा एकमात्र ऐसा राज्य है जहां अलग-अलग सुन्नी और शिया बोर्ड हैं। बाकी सभी राज्यों में एकीकृत वक्फ बोर्ड हैं।

कई राज्यों में आधी भी अपलोड नहीं हो पाई वक्फ संपत्तियां

इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गुरुवार तक लगभग 35% संपत्तियां UMMEED पर रजिस्टर हो चुकी थीं। पश्चिम बंगाल में, जहां तृणमूल कांग्रेस सरकार को मुस्लिम संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा है क्योंकि उसने जिला मजिस्ट्रेटों को वक्फ संपत्तियों को रजिस्टर करने का निर्देश दिया था। सोमवार रात तक लगभग 12% की डिटेल्स अपलोड की जा चुकी थीं। कर्नाटक और तमिलनाडु में, यह आंकड़ा 10% था।

पंजाब में 80% संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन 

पंजाब में बुधवार शाम तक लगभग 80% संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका था। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि इसका कारण यह था कि पंजाब वक्फ बोर्ड वक्फ संपत्तियों को नहीं बल्कि 'वक्फ एस्टेट्स (जिसमें कितनी भी संपत्तियां शामिल हो सकती हैं)' को रजिस्टर कर रहा है, जिससे यह प्रक्रिया ज़्यादा आसान हो जाती है। पंजाब में एडमिनिस्ट्रेटिव सेटअप भी अलग है क्योंकि वहां वक्फ एस्टेट्स के लिए मुतवल्ली (केयरटेकर) नहीं हैं और बोर्ड उन्हें सीधे मैनेज करता है।

(एएनआई इनपुट के साथ)

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