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नया टैक्स रिजीम भी नहीं रोक पाया लोगों का भरोसा! स्मॉल सेविंग्स में ₹2.17 लाख करोड़ की बंपर एंट्री, सरकार को बड़ी राहत

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Jan 24, 2026 08:03 am IST,  Updated : Jan 24, 2026 08:03 am IST

जब नए टैक्स रिजीम को ज्यादा अट्रैक्टिव बनाने के लिए बड़े-बड़े ऐलान किए गए, तब माना जा रहा था कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना और दूसरी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की चमक फीकी पड़ जाएगी। लेकिन ताजा आंकड़े इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित करते हैं।

स्मॉल सेविंग्स...- India TV Hindi
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में रिकॉर्ड ₹2.17 लाख करोड़ जमा Image Source : CANVA

नया टैक्स रिजीम भले ही टैक्स छूट के लालच को कम कर दे, लेकिन देश के करोड़ों निवेशकों का भरोसा आज भी सरकारी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर कायम है। यही वजह है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 10 जनवरी तक नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जमा राशि ₹2.17 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा पूरे साल के बजट अनुमान का करीब दो-तिहाई है, जिसने सरकार को बड़ी राहत दी है।

आमतौर पर स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे ज्यादा निवेश मार्च तिमाही में देखने को मिलता है, जब टैक्स बचाने के लिए लोग बड़ी संख्या में PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और अन्य योजनाओं में पैसा लगाते हैं। ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में NSSF का कुल कलेक्शन शुरुआती लक्ष्य से भी आगे निकल सकता है।

सरकार को बड़ी राहत

बजट अनुमान से ज्यादा आ रही इस रकम का सीधा फायदा केंद्र सरकार को मिल रहा है। ज्यादा जमा का मतलब है कि सरकार को बाजार से कम उधारी लेनी पड़ेगी। यही कारण है कि 2025-26 के लिए सरकार ने NSSF से अपनी ऑफटेक को घटाकर ₹3.43 लाख करोड़ रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान ₹4.12 लाख करोड़ से कम है। सरकार का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को 4.4% तक सीमित रखने का है, जो एक साल पहले 4.8% था।

नया टैक्स रिजीम असरहीन

गौरतलब है कि पिछले बजट में नए टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बनाया गया था, जिसके बाद करीब 75% करदाता इस व्यवस्था में शिफ्ट हो चुके हैं। नए टैक्स रिजीम में स्मॉल सेविंग्स पर टैक्स छूट नहीं मिलती, जबकि पुराने टैक्स सिस्टम में धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की निवेश राशि पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके बावजूद स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में निवेश की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी।

अधिक ब्याज का आकर्षण

अधिकारियों का कहना है कि इसकी बड़ी वजह आकर्षक ब्याज दरें हैं। बीते एक साल में आरबीआई ने रेपो रेट में 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की है, जिससे बैंक एफडी की ब्याज दरों पर दबाव आया है। इसके उलट, PPF पर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% ब्याज मिल रहा है। सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट और किसान विकास पत्र जैसी योजनाओं की दरें भी निवेशकों को लुभा रही हैं।

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