Thursday, February 05, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Shaniwar Ki Aarti, Upay, Katha Or Shubh Muhurt Live: शनिवार की आरती, पूजा के लिए क्या होगा शुभ मुहूर्त, किन उपायों से दूर होगा साढ़ेसाती-ढैय्या का नकारात्मक असर यहां जानें सबकुछ

Shaniwar Ki Aarti, Upay, Katha Or Shubh Muhurt Live: शनिवार की आरती, पूजा के लिए क्या होगा शुभ मुहूर्त, किन उपायों से दूर होगा साढ़ेसाती-ढैय्या का नकारात्मक असर यहां जानें सबकुछ

Shaniwar Ki Aarti, Upay, Katha Or Shubh Muhurt Live: शनिवार के दिन को शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में शनि देव की पूजा करना, मंत्रों का जप करना और दान करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

Written By: Naveen Khantwal
Published : Jan 24, 2026 06:35 am IST, Updated : Jan 24, 2026 05:42 pm IST
Shaniwar Ki Aarti Or Upay- India TV Hindi
Image Source : CANVA शनिवार की आरती और उपाय

Shaniwar Ki Aarti, Upay, Katha Or Shubh Muhurt Live: शनिवार के दिन को शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन अगर आप शनि देव की पूजा करते हैं, उनकी आरती का पाठ, मंत्रों का जप और कुछ उपाय करते हैं तो शनि ग्रह का बुरा प्रभाव आपके जीवन से दूर होने लगता है। इसके साथ ही शनिवार को भक्ति भाव के साथ किए गए उपाय आपको करियर और पारिवारिक जीवन में भी ख्याति दिला सकते हैं। 

शनिवार के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 

शनिवार 24 जनवरी के दिन अगर शुभ मुहूर्त में आप शनि देव के उपाय, आरती और मंत्रों का जप करते हैं तो कुंडली में शनि की स्थिति सुधरती है। आपको बता दें कि इस दिन शिव योग दोपहर 2 बजे तक रहेगा इसलिए सबुह से लेकर दोपहर तक किए गए कार्य आपको शुभ फल प्रदान कर सकते हैं। आइए अब जान लेते हैं पूरे दिन भर में पूजा, आरती आदि के लिए शुभ मुहूर्त कब रहेंगे। 

  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:32 AM से 06:23 AM
  • प्रात: संध्या: 05:58 AM से 07:14 AM
  • अमृत काल: 09:31 AM से 11:06 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:28 PM से 01:13 PM 
  • गोधूलि मुहूर्त: 06:24 PM से 06:50 PM 
  • सायाह्न सन्ध्या: 06:27 PM से 07:44 PM 
  • निशिता मुहूर्त: 12:25 AM जनवरी 25 से 01:16 AM, जनवरी 25

इन शुभ मुहूर्तों में शनि देव को प्रसन्न करने के लिए आप पूजा-पाठ और उपाय कर सकते हैं। 

ये राशियां हैं साढे़साती और ढैय्या की चपेट में 

वर्तमान समय में शनि मीन राशि में हैं और कुंभ, मीन और मेष पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इसके साथ ही सिंह और धनु पर शनि की ढैय्या चल रही है। वहीं कई लोग ऐसे भी होंगे जो वर्तमान में शनि की महादशा की चपेट में होंगे। ऐसे में इन लोगों को शनिवार के दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कार्य अवश्य करने चाहिए। शनिवार को अगर आप शनि देव को प्रसन्न करने के लिए भक्ति भाव से धार्मिक कार्य करते हैं तो शनि के बुरे प्रभाव दूर होने लगते हैं। 

Shaniwar Ki Aarti, Upay, Katha Or Shubh Muhurt: शनिवार की आरती, पूजा के लिए क्या होगा शुभ मुहूर्त

Auto Refresh
Refresh
  • 5:38 PM (IST) Posted by Arti Azad

    अगर शनिवार को गलती से तेल खरीद लिया तो क्या करें?

    • शनिदेव को अर्पित करें: थोड़ा तेल शाम के समय दीपक में डालकर शनिदेव को अर्पित करें।
    • तेल का दान करें: खरीदे गए तेल का कुछ हिस्सा जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें।
    • दीपक जलाएं: शनिवार शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि की पूजा करें।
    • मंत्र जाप करें: ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
  • 4:27 PM (IST) Posted by Arti Azad

    शनिवार के ये उपाय दूर करेंगे शनि ग्रह के बुरे प्रभाव

    1. आपको शनि मंत्र 'ॐ शनैश्चराय नमः' का शनिवार के दिन  108 बार जप करना चाहिए। इसके बाद शनि देव से अपनी गलतियों और भूल चूक के लिए माफी मांगें, दिन के समय यथासंभव धन-अन्न का दान करें। 
    2. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए सुबह स्नान के बाद सवा किलो काला कोयला काले कपड़े में रखें। साथ ही एक लोहे की कील भी कपड़े में डाल दें। अब इस कपड़े को अपने सिर से घुमाकर बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें। इलके बाद शनि मंदिर में जाकर प्रार्थना करें।  
    3. साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि महादशा के बुरे प्रभावों से बचने के लिए हर शनिवार के दिन बंदरों और काले कुत्तों को बूंदी के लड्डू खिलाएं। इससे करियर में सफलता मिलेगी और योजनाएं भी सफल होती हैं।
    4. शनिवार के दिन हाथी के दो खिलौने लाकर, उन्हें धोकर घर के मंदिर में रख दें। इसके बाद मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाएं और शनि देव की आरती करें। इससे जीवन में सकारात्मकता और पारिवारिक जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं। 
    5. अगर आप प्रत्येक शनिवार सरसों के तेल का दान और जरूरतमंद की सहायता करते हैं तो शनि हमेशा आपसे प्रसन्न रहते हैं। यह सरल उपाय भी जीवन में सकारात्मकता लाने वाला साबित होता है।

     

  • 3:38 PM (IST) Posted by Arti Azad

    शनिवार को तेल न खरीदने के नुकसान

    • शनिदेव का दुष्प्रभाव: अगर शनिवार को तेल खरीद लिया गया, तो शनिदेव का नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है।
    • इससे मानसिक तनाव, पारिवारिक झगड़े और अप्रिय परिस्थितियां बढ़ सकती हैं।
    • आर्थिक और स्वास्थ्य परेशानियां: ज्योतिष अनुसार, शनिवार को तेल खरीदने से आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
    • घर में अशुभ ऊर्जा: तेल खरीदने से शनि का नकारात्मक प्रभाव घर में प्रवेश करता है। इससे परिवार में तनाव और दुर्भाग्य बढ़ सकता है।

     

  • 1:31 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shani Dev Ki Priya Rashiyan: शनि देव की प्रिय राशियां

    राशिचक्र में 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें शनि देव की प्रिय माना जाता है। इन राशियों में शामिल हैं मकर, कुंभ और तुला। मकर, कुंभ जहां शनि की राशियां हैं वहीं तुला राशि में शनि उच्च के होते हैं। इन तीनों राशियों पर शनि देव की कृपा हमेशा बरसती है। 

  • 12:04 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    शनिवार को सरसों तेल क्यों न खरीदें?

    हस्तरेखा और ज्योतिष शास्त्र में शनिवार को सूर्य और शनि का विशेष महत्व माना गया है। शनिदेव कर्मफलदाता हैं और उनके सामने किए गए कार्यों के आधार पर जीवन में सुख-दुख का फल आता है। शास्त्रों के अनुसार, शनिवार को तेल खरीदना अशुभ होता है क्योंकि इस दिन तेल का दान और अर्पण करना शुभ माना गया है। मंदिरों में दीपक जलाना चाहते हैं तो घर से तेल लेकर जाएं, दुकान से तेल न खरीदें।

  • 11:48 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shaniwar Ke Upay: परिवारिक जीवन में खुशियां और सकारात्मकता के लिए ये उपाय

    अगर आप चाहते है कि जीवन में सब मंगल हो तो शनिवार के दिन हाथी के दो खिलौने लाकर, उन्हें साफ पानी से धोकर घर में पूजा के मंदिर में रख देना चाहिए। इसके बाद मंदिर में तिल के तेल का दीपक आपको जलाना चाहिए और शनि देव की आरती का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और पारिवारिक जीवन में आपको शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। 

  • 10:45 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shani Dev Ka Bhajan: शनिवार को करे शनि देव का ये भजन

    शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना
    अब तक तो निभाया है आगे भी निभा देना
    शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

    हम दीन दुखी निगुण नित नाम जपे प्रतिपल,
    कट जाए गी सब बाधा मेरी आज नही तो कल
    जो भाग लगाया है फूलो से सजा देना
    शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

    शनि वार को आयेगे तिल तेल चड़ाएगे
    तेरी भगती को शनि देव हम अलख जगायेगे,
    अब द्वार खड़े तेरे मुझे राह दिखा देना
    शनि देव मेरी नैया उस पार लगा देना

  • 10:24 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shaniwar Vrat Kab Shuru Karain: शनिवार का व्रत कब शुरू करें

    हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शनिवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाले शनिवार से शुरू किया जा सकता है। धर्म के जानकारों का कहना है कि 7 शनिवार व्रत रखने से शनिदेव के प्रकोप से मुक्ति मिलती है। शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी के साथ व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता मिलने लगती है।  

  • 9:20 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shani Chalisa: शनिवार के दिन करें शनि चालीसा का पाठ

    श्री शनि चालीसा

    दोहा
    जय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महराज।
    करहुं कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।।

    चौपाई
    जयति-जयति शनिदेव दयाला।
    करत सदा भक्तन प्रतिपाला।।
    चारि भुजा तन श्याम विराजै।
    माथे रतन मुकुट छवि छाजै।।
    परम विशाल मनोहर भाला।
    टेढ़ी दृष्टि भृकुटि विकराला।।
    कुण्डल श्रवण चमाचम चमकै।
    हिये माल मुक्तन मणि दमकै।।
    कर में गदा त्रिशूल कुठारा।
    पल विच करैं अरिहिं संहारा।।
    पिंगल कृष्णो छाया नन्दन।
    यम कोणस्थ रौद्र दुःख भंजन।।
    सौरि मन्द शनी दश नामा।
    भानु पुत्रा पूजहिं सब कामा।।
    जापर प्रभु प्रसन्न हों जाहीं।
    रंकहु राउ करें क्षण माहीं।।
    पर्वतहूं तृण होई निहारत।
    तृणहंू को पर्वत करि डारत।।
    राज मिलत बन रामहि दीन्हा।
    कैकइहूं की मति हरि लीन्हा।।
    बनहूं में मृग कपट दिखाई।
    मात जानकी गई चुराई।।
    लषणहि शक्ति बिकल करि डारा।
    मचि गयो दल में हाहाकारा।।
    दियो कीट करि कंचन लंका।
    बजि बजरंग वीर को डंका।।
    नृप विक्रम पर जब पगु धारा।
    चित्रा मयूर निगलि गै हारा।।
    हार नौलखा लाग्यो चोरी।
    हाथ पैर डरवायो तोरी।।
    भारी दशा निकृष्ट दिखाओ।
    तेलिहुं घर कोल्हू चलवायौ।।
    विनय राग दीपक महं कीन्हो।
    तब प्रसन्न प्रभु ह्नै सुख दीन्हों।।
    हरिशचन्द्रहुं नृप नारि बिकानी।
    आपहुं भरे डोम घर पानी।।
    वैसे नल पर दशा सिरानी।
    भूंजी मीन कूद गई पानी।।
    श्री शकंरहि गहो जब जाई।
    पारवती को सती कराई।।
    तनि बिलोकत ही करि रीसा।
    नभ उड़ि गयो गौरि सुत सीसा।।
    पाण्डव पर ह्नै दशा तुम्हारी।
    बची द्रोपदी होति उघारी।।
    कौरव की भी गति मति मारी।
    युद्ध महाभारत करि डारी।।
    रवि कहं मुख महं धरि तत्काला।
    लेकर कूदि पर्यो पाताला।।
    शेष देव लखि विनती लाई।
    रवि को मुख ते दियो छुड़ाई।।
    वाहन प्रभु के सात सुजाना।
    गज दिग्गज गर्दभ मृग स्वाना।।
    जम्बुक सिंह आदि नख धारी।
    सो फल ज्योतिष कहत पुकारी।।
    गज वाहन लक्ष्मी गृह आवैं।
    हय ते सुख सम्पत्ति उपजावैं।।
    गर्दभहानि करै बहु काजा।
    सिंह सिद्धकर राज समाजा।।
    जम्बुक बुद्धि नष्ट करि डारै।
    मृग दे कष्ट प्राण संहारै।।
    जब आवहिं प्रभु स्वान सवारी।
    चोरी आदि होय डर भारी।।
    तैसहिं चारि चरण यह नामा।
    स्वर्ण लोह चांदी अरु ताम्बा।।
    लोह चरण पर जब प्रभु आवैं।
    धन सम्पत्ति नष्ट करावैं।।
    समता ताम्र रजत शुभकारी।
    स्वर्ण सर्व सुख मंगल भारी।।
    जो यह शनि चरित्रा नित गावै।
    कबहुं न दशा निकृष्ट सतावै।।
    अद्भुत नाथ दिखावैं लीला।
    करैं शत्राु के नशि बल ढीला।।
    जो पंडित सुयोग्य बुलवाई।
    विधिवत शनि ग्रह शान्ति कराई।।
    पीपल जल शनि-दिवस चढ़ावत।
    दीप दान दै बहु सुख पावत।।
    कहत राम सुन्दर प्रभु दासा।
    शनि सुमिरत सुख होत प्रकाशा।।

  • 8:39 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shaniwar Vrat Vidhi: शनिवार व्रत विधि

    अगर आप शनिवार का व्रत शुरू करने जा रहे हैं, तो इसके लिए सही विधि पता होनी जरूरी है। इसके लिए आप शनिवार को व्रत करने का संकल्प लें और शनिवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें। स्नान आदि कार्यों से निवृत होकर घर के पूजा स्थल की सफाई करें। अब शनिदेव की प्रतिमा को स्नान कराएं। अब शनि देव को काले वस्त्र, रोली, फूल, काले तिल, काली उड़द की दाल और सरसों का तेल अर्पित करें। उनके सामने सरसों के तेल का दीया जलाएं।  इसके बाद शनि स्त्रोत का पाठ करें। इसके साथ ही जातक को सुंदर कांड और हनुमान चालीसा का भी पाठ करना चाहिए। 

    इन मंत्रों का करें जाप- ‘शं शनैश्चराय नम:’ और ‘सूर्य पुत्राय नम:’ मंत्रों का जाप करें। 

  • 7:58 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shani Stotra: शनिवार के दिन करें दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ

    दशरथकृत शनि स्तोत्र

    दशरथ उवाच:

    प्रसन्नो यदि मे सौरे ! एकश्चास्तु वरः परः॥

    रोहिणीं भेदयित्वा तु न गन्तव्यं कदाचन्।
    सरितः सागरा यावद्यावच्चन्द्रार्कमेदिनी॥

    याचितं तु महासौरे ! नऽन्यमिच्छाम्यहं।
    एवमस्तुशनिप्रोक्तं वरलब्ध्वा तु शाश्वतम्॥

    प्राप्यैवं तु वरं राजा कृतकृत्योऽभवत्तदा।
    पुनरेवाऽब्रवीत्तुष्टो वरं वरम् सुव्रत॥

    स्तोत्र:

    नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च।
    नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥1॥

    नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
    नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते॥2॥

    नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:।
    नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्र नमोऽस्तु ते॥3॥

    नमस्ते कोटराक्षाय दुर्नरीक्ष्याय वै नम:।
    नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने॥4॥

    नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोऽस्तु ते।
    सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करेऽभयदाय च॥5॥

    अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तु ते।
    नमो मन्दगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोऽस्तुते॥6॥

    तपसा दग्ध-देहाय नित्यं योगरताय च।
    नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:॥7॥

    ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज-सूनवे।
    तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात् ॥8॥

    देवासुरमनुष्याश्च सिद्ध-विद्याधरोरगा:।
    त्वया विलोकिता: सर्वे नाशं यान्ति समूलत:॥9॥

    प्रसाद कुरु मे सौरे ! वारदो भव भास्करे।
    एवं स्तुतस्तदा सौरिर्ग्रहराजो महाबल: ॥10॥

    दशरथ उवाच:

    प्रसन्नो यदि मे सौरे ! वरं देहि ममेप्सितम्।
    अद्य प्रभृति-पिंगाक्ष ! पीडा देया न कस्यचित्॥

  • 7:18 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shani Mantra: शनिवार के दिन करें शनि देव के इन मंत्रों का जप

    ॐ शं शनैश्चराय नमः
    ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। 
    ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम। 

  • 7:06 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shaniwar Ko Shadhesati Or Dhaiya Ke Upay: साढ़ेसाती और ढैय्या के उपाय

    2026 में साढ़ेसाती या ढैय्या से प्रभावित लोगों को शनिवार के दिन सरसों के तेल से अभिमंत्रित लोहे की अंगूठी पहनने की सलाह दी जाती है। शनि देव का संबंध लोहे से माना जाता है। यह उपाय मानसिक मजबूती बढ़ाने और बाधाओं को कम करने में सहायक माना जाता है।

    काले तिल शनिदेव को अत्यंत प्रिय हैं। यह छोटी सी चीज आपको बड़ी परेशानियों से राहत दिला सकती है। इसके लिए शनिवार को काले तिल का दान करना या स्नान के पानी में थोड़े से काले तिल मिलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनि के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं।

    शास्त्रों के अनुसार, काला रंग शनि देव का प्रतीक माना जाता है। साढ़ेसाती के दौरान शनिवार को जरूरतमंद को काले कपड़े का दान करना एक सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है, जिससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

    शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाना या सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यह उपाय मानसिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करता है। इसके साथ ही यह एक बहुत आसान उपाय है, जो शनि के कठोर प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

  • 6:38 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Shain Dev Ki Aarti: शनि देव की आरती

    जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।
    सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥
    जय जय श्री शनिदेव...

    श्याम अंग वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।
    नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥
    जय जय श्री शनिदेव...

    क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी ।
    मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी ॥
    जय जय श्री शनिदेव...

    मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी ।
    लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ॥
    जय जय श्री शनिदेव...

    देव दनुज ऋषि मुनि सुमरिन नर नारी ।
    विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी ॥
    जय जय श्री शनिदेव...

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement