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इस जगह सुबह-सुबह भूकंप से कांपी धरती, रिक्टर पैमाने पर मापी गई इतनी तीव्रता

तिब्बत में सुबह-सुबह भूकंप की वजह से धरती कांपी है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता का पता भी लग गया है।

Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
Published : Jan 24, 2026 07:47 am IST, Updated : Jan 24, 2026 07:57 am IST
Earthquake In Tibet- India TV Hindi
Image Source : ANI सुबह-सुबह भूकंप से कांपी धरती

तिब्बत: तिब्बत में सुबह-सुबह भूकंप की वजह से धरती कांपी है। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.0 मापी गई है। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था। NCS ने X पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है।

मणिपुर में भी भूकंप के झटके

इससे पहले मणिपुर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। यहां रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई थी। इसका केंद्र कामजोंग, मणिपुर में था।

उथले भूकंप आमतौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में ज्यादा खतरनाक

गौरतलब है कि उथले भूकंप आमतौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होते हैं। इसका एक कारण ये है कि उथले भूकंपों से उत्पन्न भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके परिणामस्वरूप जमीन में अधिक कंपन होता है और इमारतों को अधिक नुकसान पहुंचने और अधिक लोगों के हताहत होने की संभावना रहती है। तिब्बती पठार विवर्तनिक प्लेटों के टकराव के कारण अपनी भूकंपीय गतिविधि के लिए जाना जाता है।

हालही में लेह लद्दाख में आया था भूकंप

19 जनवरी को भारत के केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के लेह में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.7 मापी गई थी। इस भूकंप के बाद इलाके के लोग दहशत में आ गए थे।  इसका केंद्र लद्दाख के लेह में धरती से 171 किलोमीटर की गहराई में था। 

दिल्ली में भी आया था भूकंप

19 जनवरी(सोमवार) को  ही दिल्ली में भी सुबह-सुबह ही भूकंप आया था। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 थी और भूकंप का केंद्र उत्तरी दिल्ली में धरती से 5 किलोमीटर की गहराई में था।

क्यों आते हैं भूकंप?

पृथ्वी की सतह के अचानक हिलने की प्रक्रिया भूकंप कहलाती है। ऐसा मुख्य रूप से टेक्टोनिक प्लेटों (भू-पटलों) की गति के कारण होता है। इसके अलावा ज्वालामुखी गतिविधि, मानव गतिविधियां और भूस्खलन या गुफा धंसना इसकी अन्य वजहें हैं। रिंग ऑफ फायर (प्रशांत महासागर के चारों ओर) में दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं।

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