गणतंत्र दिवस से पहले एक फर्जी नंबर प्लेट वाली कार से घूम रही महिला को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 15 जनवरी 2026 को क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल को गुप्त सूचना मिली कि एक महिला विदेशी दूतावास की नंबर प्लेट लगी कार से लगातार एंबेसी एरिया में घूम रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम बनाई गई और वसंत विहार इलाके में निगरानी शुरू की गई। करीब 3:10 बजे वसंत विहार के बी-5 गली में संदिग्ध इनोवा कार खड़ी मिली। कुछ देर बाद एक करीब 45 साल की महिला कार के पास आई और जैसे ही वह गाड़ी स्टार्ट करने वाली थी, पुलिस ने उसे दबोच लिया। जब उससे गाड़ी के कागजात मांगे गए तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकी।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
शुरुआत में महिला ने खुद को एक विदेशी एंबेसी की प्रतिनिधि बताया, लेकिन बाद में सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि वह फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रही थी। उसने बताया कि उसने नवंबर 2024 में एक विदेशी एंबेसी से यह कार खरीदी थी, लेकिन अपने नाम पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। एंबेसी ने इस मामले में थाना चाणक्यपुरी में शिकायत भी दी थी। पुलिस से बचने और एंबेसी इलाकों में बिना रोक-टोक घूमने के लिए उसने एंबेसी जैसी दिखने वाली फर्जी नंबर प्लेट बनवा ली। कार से दो और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला
पुलिस का कहना है कि महिला खुद को एंबेसी से जुड़ा बताकर सरकारी एजेंसियों को गुमराह कर रही थी। गणतंत्र दिवस से पहले इस तरह हाई-सिक्योरिटी इलाकों में उसकी आवाजाही राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है.
कौन है आरोपी महिला, क्या क्या हुआ है बरामद
आरोपी महिला असम की रहने वाली है और गुवाहाटी में रहती है। वह खुद को एक राजनीतिक पार्टी की ऑल इंडिया सेक्रेटरी बताती है। उसका दावा है कि वह 2023-24 में एक विदेशी एंबेसी में कंसल्टेंट रह चुकी है और उसे डेढ़ लाख रुपये महीना मिलता था। इसके अलावा वह मेघालय की एक यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों, खासकर अफ्रीकी देशों के छात्रों के लिए कंसल्टेंसी का काम कर रही थी।
फर्जी एंबेसी नंबर प्लेट लगी इनोवा कार,दो और फर्जी नंबर प्लेट,मोबाइल फोन, कार से जुड़े बिक्री दस्तावेज।फिलहाल महिला को 6 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मोबाइल फोन और उसके संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच जारी है और जरूरत पड़ी तो और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।